Baisakhi 2025: देश-विदेश में कैसे मनाई जाती है बैसाखी, जानिए खास बातें

Baisakhi 2025: बैसाखी का पर्व हर साल मेष संक्रांति के साथ मनाया जाता है, जो खुशहाली, समृद्धि और एकता का प्रतीक है, खासकर सिख समुदाय के लिए। इस साल 13 अप्रैल को बैसाखी का त्योहार मनाया जा रहा है। आइए, इस मौके पर जानें बैसाखी के महत्व के बारे में

अपडेटेड Apr 13, 2025 पर 11:52 AM
Story continues below Advertisement
Baisakhi 2025: इस वर्ष बैसाखी 13 अप्रैल 2025 को मनाई जा रही है।

बैसाखी का त्योहार भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो हर साल वैशाख मास की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। ये दिन न सिर्फ किसानों की मेहनत का उत्सव है, बल्कि सिख समुदाय के लिए भी बेहद पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करता है, जिससे हिंदू सौर नववर्ष की भी शुरुआत होती है। बैसाखी के दिन गुरुद्वारों में भजन-कीर्तन, लंगर और शोभायात्राओं का आयोजन होता है, वहीं खेतों में पक चुकी फसलें किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाती हैं।

ये दिन नई ऊर्जा, नई शुरुआत और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। देश के कई हिस्सों में बैसाखी को पारंपरिक पकवान, नृत्य और गीतों के साथ पूरे हर्षोल्लास से मनाया जाता है। ये त्योहार न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत खास है।

इस बार कब मनाई जा रही है बैसाखी?


इस वर्ष बैसाखी 13 अप्रैल 2025 को मनाई जा रही है। इस दिन वैशाख मास का आरंभ होता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:28 से 5:13 बजे तक रहेगा, जबकि सूर्योदय सुबह 5:58 बजे और सूर्यास्त शाम 6:46 बजे होगा। दिनभर पूजा, शुभ कार्य और दान के लिए उत्तम समय माना गया है।

कैसे मनाई जाती है बैसाखी?

बैसाखी के दिन लोग प्रातःकाल स्नान कर गुरुद्वारों में प्रार्थना और भजन-कीर्तन करते हैं। गुरुद्वारे विशेष रूप से सजाए जाते हैं और वहां विशेष धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। कई स्थानों पर शोभायात्राएं और जुलूस भी निकाले जाते हैं। घरों में पारंपरिक व्यंजन जैसे सरसों का साग और मक्के की रोटी बनती है, जिससे पर्व का उल्लास और बढ़ जाता है।

बैसाखी पर करें ये उपाय, मिल सकती है करियर में सफलता

अगर जीवन में कठिन परिश्रम के बावजूद सफलता नहीं मिल रही है, तो बैसाखी के दिन एक खास उपाय करें—गरीबों में मूंग दाल की खिचड़ी का दान। मान्यता है कि इससे करियर संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। साथ ही, अन्न और धन का दान करने से भी जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया पर ये 5 चीजें खरीदना माना जाता है बेहद शुभ, जानिए क्या है खास

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।