अक्षय तृतीया, हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष ये शुभ पर्व 30 अप्रैल, बुधवार को पड़ रहा है। इसे स्वयंसिद्ध मुहूर्त कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत या कोई भी नया काम करने के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है। परंपरागत रूप से इस दिन सोना या चांदी खरीदने की परंपरा है, लेकिन यदि आप इसे नहीं खरीद सकते तो भी निराश न हों।
ज्योतिष शास्त्र में कुछ विशेष वस्तुओं को ऐसे शुभ प्रतीक के रूप में बताया गया है, जिन्हें खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। आइए जानते हैं अक्षय तृतीया के दिन किन 5 वस्तुओं को खरीदना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है।
अगर आपका बजट सीमित है और आप कीमती चीजें नहीं खरीद सकते, तो रूई खरीदना एक शुभ विकल्प है। अक्षय तृतीया पर रूई खरीदने से जीवन में शांति बनी रहती है और घर में धन-धान्य में भी बढ़ोतरी होती है।
इस दिन सेंधा नमक खरीदना भी अत्यंत शुभ माना गया है। शुक्र ग्रह, जो भौतिक सुखों के कारक हैं, और चंद्रमा, जो मानसिक शांति देते हैं – दोनों ही इससे जुड़े हैं। सेंधा नमक खरीदने से धन में वृद्धि होती है। ध्यान रहे, इस दिन इसका सेवन न करें।
अगर सोना खरीदना संभव नहीं हो, तो मिट्टी से बनी वस्तुएं जैसे घड़ा या दीपक खरीदना बहुत शुभ होता है। माना जाता है कि मिट्टी की चीजें लाना घर की संपत्ति बढ़ाने वाला और परिवार के लिए उन्नति दायक होता है।
जौं या पीली सरसों को अक्षय तृतीया पर खरीदना सोना चांदी लाने के बराबर माना गया है। इन्हें घर लाने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
इस पावन दिन तांबे या पीतल के बर्तन खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह घर में धन और अन्न की वृद्धि करता है। वहीं, कौड़ी मां लक्ष्मी की प्रिय वस्तु मानी जाती है। इस दिन कौड़ी खरीदकर लक्ष्मी जी के चरणों में अर्पित करने से आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं।