Bhanu Saptami 2026: दुर्लभ संयोग में भानु सप्‍तमी का पर्व आज, सूर्य उपासना का पूरा फल पाने के लिए न करें ये 5 काम

Bhanu Saptami 2026: आज रव‍िवार का दिन है और ज्‍येष्‍ठ अधिक मास के कृष्‍ण पक्ष की सप्‍तमी तिथ‍ि है। आज के दिन सूर्य पूजा का विशेष महत्‍व है। सूर्य उपासना का पूर्ण फल प्राप्‍त करने के ल‍िए यहां बताए जा रहे 5 काम करने से बचना चाहिए। जानिए इनके बारे में

अपडेटेड Jun 07, 2026 पर 7:00 AM
अधिक मास में भानु सप्‍तमी का संयोग और भी महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है।

Bhanu Saptami 2026: भानु सप्‍तमी का पर्व आज 07 जून को दुर्लभ संयोग में मनाया जा रहा है। हिंदू कैलेंडर के किसी माह के कृष्‍ण या शुक्‍ल पक्ष की सप्‍तमी तिथ‍ि जब रविवार के दिन पड़ती है, तो उस दिन भानु सप्‍तमी का पर्व मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार सूर्य देव को 'भानु' भी कहा जाता है, इसलिए रविवार और सप्तमी का यह मेल बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है। इस साल यह संयोग ज्‍येष्‍ठ अधिक मास में पड़ रहा है। अधिक मास 3 साल में एक बार आता है और अधिक मास में भानु सप्‍तमी का संयोग और भी महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है। जब भी सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तो उस संयोग को भानु सप्तमी (या रवि सप्तमी) कहा जाता है।

भानु सप्तमी 2026 तारीख और शुभ मुहूर्त

ज्येष्ठ अधिकमास में आने वाली भानु सप्तमी की तिथि इस प्रकार है :

भानु सप्तमी तिथि : 07 जून 2026, रविवार

सप्तमी तिथि प्रारंभ : 07 जून 2026 को प्रातः 02:41 बजे से

सप्तमी तिथि समाप्त : 08 जून 2026 को प्रातः 03:25 बजे तक


ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:02 बजे से 04:42 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:52 बजे से 12:48 बजे तक

द्विपुष्कर योग (विशेष फलदायी): सुबह 05:23 बजे से 07:55 बजे तक

साल 2026 की प्रमुख भानु सप्तमी तिथियां

इस साल इससे पहले दो प्रमुख भानु सप्तमी और आ चुकी हैं:

25 जनवरी 2026 (रविवार): माघ शुक्ल सप्तमी (इसे रथ सप्तमी या अचला सप्तमी भी कहा जाता है)।

8 फरवरी 2026 (रविवार): फाल्गुन कृष्ण सप्तमी।

भानु सप्तमी का महत्व और पूजा विधि

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भानु सप्तमी का महत्व सूर्य ग्रहण के समय किए जाने वाले दान-पुण्य के समान फलदायी माना गया है। इस दिन निम्नलिखित उपाय करने से विशेष लाभ मिलता है:

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दें।
  • अर्घ्य देते समय या पूजा करते समय ॐ सूर्याय नमः या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है।
  • इस दिन गेहूं, तांबा, मसूर की दाल, लाल कपड़े या गुड़ का दान करने से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

भानु सप्तमी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां

  • दान-पुण्य जरूर करें : मान्यता है कि भानु सप्‍तमी के दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न, जल, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार सहायता देने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।
  • सूर्य को अर्घ्य देना न भूलें : भानु सप्तमी के दिन सूर्य को अर्घ्य देना न भूलें। तांबे के पात्र में जल, लाल पुष्प और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्पित करें। ऐसा करने से सूर्य ग्रह मजबूत होने की मान्यता है।
  • तामसिक भोजन से दूर रहें : इस दिन मांसाहार, शराब, लहसुन, प्याज और अन्य तामसिक चीजों से परहेज करना चाहिए। सात्विक भोजन मन और शरीर दोनों को शांत रखता है, जिससे पूजा का सकारात्मक प्रभाव बढ़ता है।
  • किसी का अपमान न करें : भानु सप्तमी पर किसी का अपमान करना, कटु शब्द बोलना या क्रोध करना शुभ नहीं माना जाता। इससे सूर्य से मिलने वाले शुभ फल कमजोर हो सकते हैं।
  • देर तक न सोएं : भानु सप्तमी के दिन देर तक सोना शुभ नहीं माना जाता। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने और उगते सूर्य को जल अर्पित करने की सलाह दी जाती है।

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