Budh Purnima Kab Manate Hai: कब मनाई जाएगी बुद्ध पूर्णिमा, जानें इसका महत्व, तारीख और पूजा का मुहूर्त

Budh Purnima Kab Manate Hai: बुद्ध पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म अनुयायियों के लिए विशेष स्थान रखता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु के नौवें अवतार गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। आइए जानें इस साल बुद्ध पूर्णिम किस दिन होगी और इस दिन पूजा का मुहूर्त कब से कब तक है

अपडेटेड Apr 22, 2026 पर 7:00 AM
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उदया तिथि के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार 1 मई 2026, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी।

Budh Purnima Kab Manaya Jata Hai: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के नौवें अवतान भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। इस लिए वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन हिंदू धर्म के साथ-साथ बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और उनका महापरिनिर्वाण भी इसी दिन हुआ था। आइए जानें इस साल वैशाख पूर्णिमा/बुद्ध पूर्णिमा किस दिन की जाएगी और इस दिन पूजा का मुहूर्त कब से कब तक रहेगा ?

बुद्ध पूर्णिमा 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रुप में मनाया जाता है। इस साल बैसाख माह की पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल 2026 को रात 9 बजकर 13 मिनट से लग रही है और 1 मई को रात 10 बजकर 53 मिनट पर इसका समापन होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार 1 मई 2026, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी।

बुद्ध पूर्णिमा 2026 शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:15 बजे से सुबह 04:58 बजे तक

अभिजित मुहूर्त : सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक


विजय मुहूर्त : दोपहर 02:31 बजे से दोपहर 03:24 बजे तक

अमृत काल : शाम 06:56 बजे से रात 08:41 बजे तक

बुद्ध पूर्णिमा पर करें मिट्टी के घड़े का दान

हिन्दू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष स्थान है। बैसाख पूर्णिमा पर सूर्य उच्च राशि मेष में और चंद्रमा उच्च राशि तुला में होता है। वैशाख माह में गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन मिट्टी के घड़े का दान करना गौ दान के समान फल प्रदान करता है।

बुद्ध पूर्णिमा क्यों मनाते हैं?

बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाएं घटित हुई थी। बैसाख पूर्णिमा के दिन ही भगवान विष्णु के 9वें अवतार महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था। इसी दिन बोध गया में उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन कुशीनगर में उन्होंने सांसारिक बंधनों से पूर्ण मुक्ति प्राप्त की थी। बौद्ध धर्म के लोग इस दिन घरों में पवित्र ग्रंथों धम्मपद और त्रिपिटक का पाठ करते हैं।

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