Chaitra Navratri 2026: मार्च में इस दिन से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि, जानें कलश स्थापना का मुहूर्त और इस दिन कौन से शुभ योग बन रहे?

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और प्रमुख पर्व में गिना जाता है। इसकी शुरुआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है और राम नवमी पर समसप्त होती है। आइए जानें इस साल चैत्र नवरात्रि का पर्व किस दिन से शुरू होगा और इस दिन कौन से शुभ योग बन रहे हैं

अपडेटेड Feb 05, 2026 पर 6:28 PM
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चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होता है।

Chaitra Navratri 2026: मां दुर्गा की उपासना को समर्पित चैत्र नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म के सबसे बड़े और प्रमुख त्योहारों में गिना जाता है। चैत्र हिंदू कैलेंडर का पहला महीना होता है। इसमें शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से हिंदू नर्व वर्ष शुरू होता है और इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है। साल में आने वाली चार नवरात्रि में से ये भी एक होती है, जो गर्मियों के मौसम की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। इस पर्व में नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना की जाती है। आइए जानें इस साल चैत्र नवरात्रि का पर्व कब से शुरू होगा और इसमें कौन से शुभ योग बन रहे हैं?

चैत्र नवरात्रि 2026 कब से शुरू होंगे?

पंचांग के मुताबिक, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च दिन गुरुवार को सुबह में 6 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी और 20 मार्च को प्रात: 4 बजकर 51 मिनट पर खत्म होगी। उदयातिथि के आधार पर चैत्र नवरात्रि 19 मार्च गुरुवार से शुरू होगी।

कब होगी घटस्थापना?

नवरात्रि का पर्व घटस्थापना से शुरू होता है, जिसमें देवी की उपस्थिति के प्रतीक के रूप में एक कलश स्थापित किया जाता है। इस साल चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। पहला मुहूर्त जहां, सुबह 50 मिनट का होगा, वहीं दूसरा मुहूर्त दोपहर में 48 मिनट का है।

पहला मुहूर्त : चैत्र नवरात्रि की कलश स्थापना का पहला मुहूर्त 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 43 मिनट के तक है।


दूसरा मुहूर्त : चैत्र नवरात्रि की कलश स्थापना का दूसरा मुहूर्त दोपहर में 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक है।

इन शुभ योगों में शुरू होगी चैत्र नवरात्रि

इस साल चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग, शुक्ल योग और ब्रह्म योग बन रहे हैं। शुक्ल योग प्रात:काल से लेकर मध्यरात्रि 01:17 बजे तक है, उसके बाद से ब्रह्म योग होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग 20 मार्च को प्रात: 04:05 बजे से लेकर सुबह 06:25 बजे तक है। कलश स्थापना शुक्ल योग में होगा।

प्रतिपदा में राहुकाल का समय

चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा को राहुकाल दोपहर 02:00 बजे से लेकर दोपहर 03:30 बजे तक है। इस दौरान कलश स्थान करने से बचें।

चैत्र नवरात्रि का पूरा कैलेंडर

19 मार्च 2026, गुरुवार : पहला दिन घटस्थापना और पूजा आरंभ

20 मार्च 2026, शुक्रवार : दूसरा दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा

21 मार्च 2026, शनिवार : तीसरा दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा

22 मार्च 2026, रविवार : चौथा दिन देवी कुष्मांडा की पूजा

23 मार्च 2026, सोमवार : पांचवां दिन देवी स्कंदमाता की पूजा

24 मार्च 2026, मंगलवार : छठा दिन देवी कात्यायनी की पूजा

25 मार्च 2026, बुधवार : सातवां दिन देवी कालरात्रि की पूजा

26 मार्च 2026, गुरुवार : आठवां दिन देवी महागौरी की पूजा

27 मार्च 2026, शुक्रवार : नौवां दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा औऱ राम नवमी

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