Mahashivratri 2026: महाकाल के मंदिर में 6 फरवरी से शुरू होगी शिव नवरात्रि, जानें 15 फरवरी तक का पूरा कार्यक्रम

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के मौके पर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन के महाकालेश्वन ज्योतिर्लिंग में शिव नवरात्रि मनाई जाती है। इसकी शुरुआत महाशिवरात्रि से 9 दिन पहले होती है। आइए जानें इस साल से कब से शुरू होगी और इसका पूरा कार्यक्रम क्या होगा

अपडेटेड Feb 05, 2026 पर 4:50 PM
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महाकालेश्वर मंदिर में इसका उत्सव 6 फरवरी से शुरू होगा।

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में ही नहीं पूरे भारत में पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। हमारे देश के स्वयंभू ज्योतिर्लिंग में महाशिवरात्रि का एक अलग ही रूप देखने को मिलता है। यहां महाशिवरात्रि का पर्व 9 दिन पहले शुरू हो जाता है। यह मंदिर उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर है, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर एकमात्र दक्षिणामुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां 9 दिन शिव नवरात्रि मनाई जाती है।

महाकालेश्वर मंदिर का इतिहास

माना जाता है कि यह शिवलिंग इस मंदिर में स्वयं प्रकट हुआ था, जिसे स्वयंभू शिवलिंग भी कहा जाता है। यह मंदिर 18वीं सदी में बनाया गया था, लेकिन इससे पहले मंदिर को कई बार नुकसान पहुंचा। 13वीं सदी में इल्तुतमिश ने इसे नष्ट कर दिया था और यह सैकड़ों सालों तक ऐसा ही रहा। आखिरकार 18वीं सदी में मराठा शासक रानोजी राव शिंदे ने इसका निर्माण करवाया।

धूमधाम से मनाते हैं महाशिवरात्रि का पर्व

महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिर को असली फूलों, रोशनी से सजाया जाता है। भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह समारोह बहुत उत्साह और जोश के साथ किया जाता है।

इस दिन से शुरू होगी शिव नवरात्रि


इस साल महाशिवरात्रि का त्योहार 15 फरवरी, 2026 को मनाया जाएगा। लेकिन महाकालेश्वर मंदिर में इसका उत्सव 6 फरवरी से शुरू होगा और मुख्य शुभ दिन तक जारी रहेगा। इन नौ दिनों को शिव नवरात्रि के नाम से जाना जाता है।

शिव नवरात्रि के नौ दिनों का पूरा कार्यक्रम

6 फरवरी : शिव नवरात्रि इस दिन से शुरू होगी। भगवान महाकाल को चंदन के लेप और हल्दी से सुंदर ढंग से सजाया जाएगा और 11 ब्राह्मण रुद्राभिषेक करेंगे।

7 फरवरी : दूसरे दिन, भगवान महाकाल को नए कपड़े पहनाए जाएंगे और विशेष पूजा अनुष्ठान किए जाएंगे।

8 फरवरी : तीसरे दिन, भगवान महाकाल का शेषनाग श्रृंगार किया जाएगा।

9 फरवरी : भगवान महाकाल को कटरा, मेखला, दुपट्टा, मुकुट, मुंडमाल, छाता, मुंडमाला और फलों की माला से सजाया जाएगा।

10 फरवरी : इस दिन भगवान महाकाल का श्रृंगार किया जाएगा और भगवान को पीले रंग के कपड़े पहनाए जाएंगे।

11 फरवरी : भगवान महाकाल का होलकर श्रृंगार किया जाएगा और भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर की भी पूजा की जाएगी।

12 फरवरी : शिव नवरात्रि के सातवें दिन, भगवान महाकाल की उमा-महेश के रूप में पूजा की जाएगी और उन्हें भूरे रंग के कपड़े पहनाए जाएंगे, मुकुट, मुंडमाला और फलों की माला पहनाई जाएगी।

13 फरवरी : भगवान महाकाल को लाल रंग के कपड़े, मुकुट, मुंडमाला और फलों की माला से सजाया जाएगा।

14 फरवरी : शिव नवरात्रि के नौवें दिन, भगवान महाकाल भक्तों को शिव तांडव के रूप में दर्शन देंगे।

15 फरवरी : इस दिन पूरा देश महाशिवरात्रि मनाएगा। भगवान महाकाल को राजा की तरह सजाया जाता है। इस दिन, भगवान महाकाल भक्तों को लगभग 44 घंटे तक दर्शन देते हैं।

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