Mithun Sankranti 2026 Date: सोमवती अमावस्या के साथ होगी सूर्य की मिथुन संक्रांति, जानें पुण्यकाल और महापुण्यकाल का समय

Mithun Sankranti 2026 Date: ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देव के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। सूर्य जिस राशि में प्रवेश करते हैं उसकी संक्रांति मनाई जाती है, जैसे अभी सूर्य का मिथुन राशि में गोचर होने जा रहा है। आइए जानें मिथुन संक्रांति का समय और दुर्लभ संयोग

अपडेटेड Jun 14, 2026 पर 7:00 AM
इस बार मिथुन संक्रांति का पुण्य काल 6 घंटे से अधिक समय तक रहेगा।

Mithun Sankranti 2026 Date: सूर्य देव के किसी राशि में प्रवेश करने पर उसकी संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। अभी ग्रहों के राजा सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करने वाले हैं, इसलिए अब मिथुन संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। संक्रांति के अवसर पर लोग गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और पूजा-दान करते हैं। मिथुन संक्रांति से सूर्य कैलेंडर का तीसरा महीना शुरू होता है। सूर्य इस राशि में तकरीबन 30 दिनों तक रहते हैं, इसके बाद अगली राशि में प्रवेश करते हैं। इस बार मिथुन संक्रांति का पुण्य काल 6 घंटे से अधिक समय तक रहेगा।

इस साल सूर्य की मिथुन संक्रांति पर कई शुभ और दुर्लभ योग बन रहे हैं, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है। ज्योतिष गणना के अनुसार, मिथुन राशि में सूर्य का प्रवेश 15 जून को होगा। इसी दिन ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या भी है। सोमवार के दिन अमावस्या तिथि होने की वजह से इस दिन सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसके अलावा इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी बन रहे हैं। इस समय में किया गया स्नान और दान पुर्ण फलित होगा।

मिथुन संक्रांति 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, सूर्य देव मिथुन राशि में 15 जून सोमवार को दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर प्रवेश करेंगे। सूर्य के मिथुन राशि में आने से सभी 12 राशियों की सेहत, शिक्षा, करियर, वित्तीय स्थिति आदि पर प्रभाव होगा।

दुर्लभ योगों का संयोग

इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी बन रहे हैं। दोनों शुभ योग सुबह 05:23 बजे से लेकर शाम 07:08 बजे तक हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्य सफल सिद्ध होंगे।


मिथुन संक्रांति 2026 महा पुण्य काल

15 जून को मिथुन संक्रांति का महा पुण्य काल दोपहर में 12 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगा। यह दोपहर 3 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। मिथुन संक्रांति के महा पुण्य काल की अवधि 2 घंटे 20 मिनट तक रहेगा।

मिथुन संक्रांति 2026 पुण्य काल

मिथुन संक्रांति के पुण्य काल की अवधि महा पुण्य काल से अधिक होती है। मिथुन संक्रांति का पुण्य काल दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगा और शाम को 7 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। मिथुन संक्रांति का पुण्य काल 6 घंटे 21 मिनट का होगा।

मिथुन संक्रांति 2026 मुहूर्त

मिथुन संक्रांति के दिन महा पुण्य काल में स्नान और दान करना सबसे अच्छा माना जाता है। हालांकि, इस दिन सोमवती अमावस्या है तो आप ब्रह्म मुहूर्त प्रात: 04:03 बजे से प्रात: 04:43 बजे के बीच स्नान कर सकते हैं।

मिथुन संक्रांति पर क्या दान करें?

मिथुन संक्रांति के दिन स्नान के बाद जल, अन्न, फल, वस्त्र, गुड़ आदि का दान कर सकते हैं। इससे सूर्य ग्रह मजबूत होता है, पिता के साथ संबंध मजबूत होगा और उनकी मदद प्राप्त होगी। नौकरी में तरक्की के योग बनते हैं।

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