Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि का समय मां दुर्गा के नौ दिव्य रूपों की आराधना का होता है। हिंदू वर्ष में चार नवरात्रि पर्व आते हैं, जिसमें चैत्र नवरात्रि पहली नवरात्रि होती है। इसकी शुरुआत चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है और इसी दिन से हिंदू वर्ष का नया संवत भी शुरू होता है। भक्त इस समय को बहुत शुभ और पवित्र मानते हैं और इस दिन से कई नए काम की शुरुआत करते हैं। इन नौ दिनों में भक्त माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं और मां से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस दौरान व्रत और हवन आदि का भी आयोजन करते हैं। लेकिन बहुत से भक्तों के मन में ये सवाल भी उठता है कि चैत्र नवरात्रि के इन नौ दिनों में मुंडन, शादी या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य कर सकते हैं या नहीं? तो चलिए जानते हैं कि इस मामले में क्या नियम हैं ?
नवरात्रि में मांगलिक कार्य के क्या हैं नियम?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों में गृह प्रवेश करना या किसी नए कार्य की शुरुआत भी बहुत शुभ मानी जाती है। लोग अपने बच्चों का मुंडन करना भी नवरात्रि में अच्छा मानते हैं। हालांकि, नवरात्रि के दिनों में विवाह नहीं किया जाता। दरअसल, ऐसा माना जाता है कि नवरात्रि के नौ दिन भक्ति, पूजन और आध्यात्मिक चेतना को जगाने के लिए होते हैं। इसलिए नवरात्रि के नौ दिनों में भौतिक सुखों की ओर बढ़ना अच्छा नहीं माना जाता। इसकी एक और वजह ये भी है कि चैत्र नवरात्रि के दौरान ज्यादातर खरमास होता है। खरमास में सूर्य और बृहस्पति की स्थिति कमजोर होती है। इसलिए खरमास में देश के बहुत से हिस्सों में विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होते हैं।
इस साल नवरात्रि पर रहेगा खरमास
नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो रही है। वहीं 15 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा जो अप्रैल मध्य तक रहेगा। खरमास के दौरान शुभ मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है। खरमास तब शुरू होते हैं जब सूर्य ग्रह अपने मित्र गुरु की राशियों धनु और मीन में जाते हैं। 15 मार्च को सूर्य का गोचर मीन राशि में होगा और खरमास शुरू हो जाएंगे। खरमास के दौरान सूर्य और गुरु की शक्ति क्षीण होती है इसलिए मांगलिक कार्य इस दौरान नहीं किए जाते। इसलिए साल 2026 में चैत्र नवरात्रि के दौरान शुभ-मांगलिक कार्यों को करना अच्छा नहीं है।