Chaitra Navratri Vastu Upay: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर करें ये उपाय, मिलेगा मां दुर्गा का आशीर्वाद

Chaitra Navratri Vastu Upay: इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है। 9 दिनों तक चलने वाले इस पर्व के पहले दिन अगर आप ये वास्तु उपाय करते हैं, तो मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलेगा और जीवन की सभी रुकावटें भी दूर होंगी। आइए जानें क्या हैं ये उपाय और इन्हें कैसे कर सकते हैं

अपडेटेड Mar 10, 2026 पर 5:20 PM
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मां दुर्गा जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं और नकारात्मक ऊर्जा दूर करती हैं।

Chaitra Navratri Vastu Upay: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इसमें मां दुर्गा की पूजा और व्रत किया जाता है। इन नौ दिनों में बहुत से भक्त विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करें और पूरे नौ दिनों तक व्रत करेंगे। हालांकि, जो भक्त पूरे नौ दिन व्रत नहीं कर पाते हैं, वे पहली और आखिरी नवरात्रि को उपवास करते हैं। बहुत से भक्त नवरात्रि में मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए कई तरह के वास्तु उपाय भी करते हैं। माना जाता है कि मां दुर्गा जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं और नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के साथ ही मुश्किलों को भी दूर करती हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है। नवरात्रि के पहले दिन मुख्य द्वार पर कुछ वास्तु उपाय करने से जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और खुशियां दस्तक देती हैं। आइए जानें इन वास्तु उपायों के बारे में

मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का चिह्न

स्वस्तिक के चिह्न को हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना गया है। स्वस्तिक शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक भी है। नवरात्रि में घर के दरवाजे पर स्वास्तिक का चिह्न बनाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही माता दुर्गा के आशीर्वाद से करियर और आर्थिक क्षेत्र में भी शुभ फल प्राप्त होते हैं।

मुख्य द्वार पर बांधें वंदनवार

नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर वंदनवार बांधने से जीवन में शुभ बदलाव आता है। नवरात्रि के दौरान ऐसा करने से माता दुर्गा की कृपा भी आप पर बरसती है। इस मौके पर आम के पत्तों से बना वंदनवार ही सबसे शुभ माना जाता है, इसलिए आप भी आम के पत्तों से वंदनवार बनाकर घर के मुख्य द्वार पर बांधें।

मुख्य द्वार पर रखें कलश


नवरात्रि में घर के मुख्य द्वार पर दायीं ओर पानी का कलश रखने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। कलश के नीचे अक्षत रखने से शुभता और भी बढ़ जाती है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि घर में इस्तेमाल होने वाले किसी लोटे से कलश न बनाएं बाजार से नया कलश खरीदें और उसे घर के मुख्य द्वार पर रखें। मुख्य द्वार पर कलश रखने से शुक्र और चंद्रमा की स्थिति भी कुंडली में सुधरती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

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