Chardham Yatra 2025: शीतकाल के लिए कल बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट, जानें यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ के पट कब होंगे बंद

Chardham Yatra 2025: दिवाली का पर्व अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। इसी के साथ सनातन आस्था के केंद्र चार धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने का समय भी आ गया है। गंगोत्री धाम के कपाट कल बंद होंगे, जबकि यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट इसके बाद बंद होंगे।

अपडेटेड Oct 21, 2025 पर 9:08 PM
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इस साल चार धाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल 2025 से हुई थी।

Chardham Yatra 2025: सनातन आस्था के केंद्र उत्तराखंड स्थित चार धाम हर साल दीपावली के बाद सर्दियों के लिए बंद कर दिए जाते हैं। राज्य में चार में से दो धाम के बंद होने की तैयारी स्थानीय और राज्य प्रशासन ने शुरू कर दी है। दिवाली का त्योहार समाप्त होने के साथ ही राज्य में चार धाम यात्रा शीतकाल के लिए रोक दी जाती है। इस मौके पर देवी-देवतों की डोलियां शीतकाल वास के लिए दूसरी जगह ले जायी जाती हैं। कपाट बंद होने की शुरुआत गंगोत्रा धाम से होगी। बता दें इस साल चार धाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल 2025 से हुई थी। सबसे पहले यहां के कपाट बंद होंगे और इनके दर्शन के लिए श्रद्धलुओं को सर्दियों के मौसम में

सबसे पहले गंगोत्री धाम के कपाट होंगे बंद

गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर 2025, बुधवार यानि अन्नकूट वाले दिन 11.36 बजे शीतकाल के लिए बंद किये जाएंगे। उसके बाद मां गंगा की विग्रह डोली भोगमूर्ति शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए आर्मी बैंड और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ रवाना होगी। 22 अक्टूबर की रात को डोली मुखबा गांव से पहले मौजूद मार्कडेंय मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी और उसके बाद अगले दिन 23 अक्टूबर की दोपहर विग्रह डोली मुखबा गांव पहुंचेगी। मां गंगा की भोगमूर्ति को यहां मंदिर में विधिविधान से शीतकाल 6 माह के लिए स्थापित किया जाएगा।

23 को बंद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट

गंगोत्री धाम के बाद यमुत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर 2025, गुरुवार यानि भाई दूज के दिन शतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। यमुनोत्री के कपाट दोपहर 12.30 बजे बंद हो जाएंगे। इसके बाद मां यमुनोत्री अगले छह माह शीतकाल में अपने मायके खरसाली गांव स्थिति यमुना मंदिर में विराजेंगी। 23 अक्टूबर की सुबह मां यमुना के भाई सोमेश्वर महाराज शनिदेव की डोली बहन को लेने के लिए रवाना होगी।

केदारनाथ धाम भी 23 अक्टूबर को होगा बंद


केदारनाथ धाम के कपाट भी 23 अक्टूबर को बंद होंगे। बाबा केदार के कपाट सुबह 8.30 बजे विधि विधान से पूजा-अनुष्ठान के बाद शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। इसके बाद बाबा केदार के दर्शन अगले 6 माह शीतकाल के लिए रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में मिलेंगे।

25 नवंबर को बंद होंगे बद्रिनाथ धाम के कपाट

उत्तराखंड स्थित चार धाम में से एक बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए 25 नवंबर को बंद होंगे। इसके बाद बद्रीनाथ धाम के शीतकाल में दर्शन चमोली के ज्योतिर्मठ के नृसिंह मंदिर और उद्धव एवं कुबेर जी की पांडुकेश्वर में होती है।

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