Chor Panchak 2025: इस दिन लग रहा चोर पंचक करा सकता है बड़ा नुकसान, भूलकर भी न करें ये काम
Chor Panchak 2025: ज्योतिष शास्त्र में पंचक का विशेष महत्व माना गया है। यह पूरे दिन में समय की अवधि होती है, जिसमें किए गए कुछ कार्य शुभ फल नहीं देते। चोर पंचक को हानिकारक बताया गया है। इसमें धन के नुकसान की आशंका रहती है। इस माह में 31 अक्टूबर को चोर पंचक लग रहा है।
MoneyControl News
अपडेटेड Oct 30, 2025 पर 12:12 AM
चोर पंचक वह पंचक है जो शुक्रवार के दिन से शुरू होता है।
Chor Panchak 2025: हिंदू धर्म में कुछ योग अशुभ माने गए हैं। इनमें भद्रा, राहुकाल और पंचक का नाम आमतौर से लिया जाता है, क्योंकि कोई भी शुभ काम या जरूरी यात्रा से पहले इनका विचार किया जाता है। ये अशुभ समय पूरे दिन में कुछ घंटे से लेकर कुछ दिनों तक रहता है। अक्टूबर माह में दूसरी बार पंचक लगने जा रहा है। पहले 3 से 8 अक्टूबर के बीच पंचक लगा था और अब 31 अक्टूबर को चोर पंचक लग रहा है। इसका समापन मंगलवार, 4 नवंबर को होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक पांच दिनों तक प्रभावी रहता है। आइए जानें क्या और कितने तरह का होता है पंचक और इसमें क्या नहीं करना चाहिए
क्या होता है पंचक और क्यों इसे अशुभ मानते हैं?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में गोचर करता है, तो इन पांच नक्षत्रों के समय को पंचक कहते हैं। चंद्रमा को इन पांचों नक्षत्रों में गोचर करने में लगभग 5 दिन का समय लगता है। इसी अवधि को पंचक काल कहा जाता है।
पंचक के प्रकार
पंचक पांच प्रकार के होते हैं और इनकी पहचान उस वार से होती है, जिस दिन यह शुरू होते हैं। शुक्रवार के दिन से जो पंचक शुरू होता है वह चोर पंचक होता है। ज्योतिष में इसे अन्य पंचकों की तुलना में अधिक नुकसानदायक माना जाता है।
रोग पंचक : रविवार को शुरू होने वाला
राज पंचक : सोमवार को शुरू होने वाला
अग्नि पंचक : मंगलवार को शुरू होने वाला
चोर पंचक : शुक्रवार को शुरू होने वाला
मृत्यु पंचक : शनिवार को शुरू होने वाला
चोर पंचक क्यों है इतना अशुभ?
चोर पंचक के दौरान किए गए कार्यों में धन हानि, चोरी, और व्यापार में नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। इस पंचक में ‘चोर’ शब्द का संकेत आर्थिक नुकसान की तरफ होता है। इससे सचेत रहने की जरूरत है, क्योंकि यह धन की हानि का योग बनाता है। इस दौरान लेन-देन, व्यापार और यात्राओं में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
चोर पंचक में भूलकर भी न करें ये काम
दक्षिण दिशा की यात्रा : पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करना वर्जित माना गया है, क्योंकि यह दिशा यमराज और पितरों की मानी जाती है। चोर पंचक में यात्रा करने से चोरी या दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए लंबी और महत्वपूर्ण यात्राओं से बचें।
व्यापार और बड़े सौदे : चोर पंचक में किसी भी प्रकार का नया व्यापार शुरू न करें। इस समय में लेन-देन, बड़े वित्तीय निवेश या संपत्ति खरीदने जैसे सौदे करने से बचना चाहिए।
लकड़ी या ज्वलनशील वस्तुएं एकत्र करना : पंचक के दौरान जलने वाली चीजें जमा करना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे आग लगने या दुर्घटना की आशंका रहती है।
घर की छत या चारपाई का निर्माण : पंचक काल में घर की छत ढलवाना या चारपाई/पलंग बनवाना भी अशुभ माना जाता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा करने से घर में क्लेश और आर्थिक नुकसान हो सकता है।
शुभ और मांगलिक कार्य : चोर पंचक के दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन या अन्य मांगलिक कार्य शुरू नहीं करने चाहिए। साथ ही, बड़े कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करना या महत्वपूर्ण निर्णय लेना भी टालना चाहिए।
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