तिलक लगाने की ये गलती कर सकती है भाग्य पर असर, जानें सही तरीका

Tilak lagane ke niyam: पूजा में माथे पर तिलक लगाना सिर्फ रिवाज नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का तरीका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तिलक लगाने का सही तरीका जानना जरूरी है? गलत तरीके से लगाने पर इसका असर नकारात्मक भी हो सकता है। आइए जानते हैं सही विधि और फायदे

अपडेटेड Sep 09, 2025 पर 3:56 PM
Tilak lagane ke niyam: रात में तिलक को हटाए बिना सोने से आपकी ऊर्जा नकारात्मक रूप में बदल सकती है।

जब आप किसी पूजा में शामिल होते हैं या घर में स्वयं पूजा करते हैं, तो माथे पर तिलक लगाना एक महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है। ये केवल धार्मिक रीति नहीं है, बल्कि मानसिक और शारीरिक ऊर्जा को संतुलित करने का एक प्रभावी तरीका भी है। तिलक लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने वाला माना जाता है। सही तरीके से तिलक लगाने से न केवल मन को शांति और स्थिरता मिलती है, बल्कि ये एकाग्रता को भी बढ़ाता है। इससे व्यक्ति का ध्यान पूजा या ध्यान में केंद्रित रहता है और मानसिक तनाव कम होता है।

इसके अलावा, तिलक लगाने से ग्रहों की शुभ ऊर्जा प्रभावित होती है, जिससे भाग्य और जीवन की परिस्थितियों में सुधार आता है। इसलिए, ये परंपरा सिर्फ रूपक नहीं बल्कि जीवन को संतुलित और सकारात्मक बनाने का एक साधन भी है।

तिलक लगाने का सही तरीका


स्नान के बाद ही तिलक लगाएं – तिलक हमेशा साफ शरीर और ताजगी के साथ ही लगाया जाना चाहिए।

पहले भगवान, फिर माथे – तिलक पहले देवता की मूर्ति या तस्वीर पर लगाएं, फिर अपने माथे पर।

अंगुली का महत्व – तिलक हमेशा अनामिका अंगुली से लगाना चाहिए।

रात में हटाना जरूरी – रात में तिलक को हटाए बिना सोने से आपकी ऊर्जा नकारात्मक रूप में बदल सकती है।

तिलक लगाने के लाभ

  • मन को शांति मिलती है – तिलक लगाने से मानसिक शांति और ध्यान में वृद्धि होती है।
  • एकाग्रता बढ़ती है – पूजा या ध्यान के समय आपका मन केंद्रित रहता है।
  • ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा – सही तरीके से तिलक लगाने से ग्रहों की ऊर्जा आपके पक्ष में रहती है।
  • भाग्य में सुधार – तिलक लगाने से जीवन में शुभता और भाग्य में वृद्धि होती है।

तिलक के विभिन्न प्रकार और उनके फायदे

  1. चंदन का तिलक – मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाता है।
  2. कुमकुम/रोली – आकर्षण बढ़ाता है और आलस्य को दूर करता है।
  3. केसर का तिलक – यश और प्रतिष्ठा बढ़ाता है, सभी कार्य पूर्ण करने में सहायक।
  4. अष्टगंध का तिलक – बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि करता है, मन को शुद्ध करता है।
  5. भस्म का तिलक – दुर्घटनाओं से सुरक्षा प्रदान करता है।

ग्रहों के अनुसार तिलक का चुनाव

  • सूर्य – लाल चंदन
  • चंद्रमा – सफेद तिलक
  • मंगल – नारंगी
  • बुध – अष्टगंध
  • गुरु – केसर
  • शुक्र – रोली
  • शनि, राहु, केतु – कंडे या धूप बत्ती की राख

सही ग्रह अनुसार तिलक लगाने से न केवल धार्मिक लाभ मिलता है, बल्कि मानसिक ऊर्जा भी सकारात्मक रहती है।

Jitiya Vrat 2025: 14 या 15 सितंबर, जानें आखिकर किस दिन किया जाएगा जीवितपुत्रिका व्रत

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।