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Dhanteras 2025: धनतेरस पर इस पोटली को रखें, कुबेर देव और लक्ष्मी माता होंगी प्रसन्न!

Dhanteras 2025: धनतेरस के अवसर पर धनलक्ष्मी पोटली का पूजा में खास महत्व है। मान्यता है कि इसे तिजोरी या सुरक्षित स्थान में रखने से सालभर धन का प्रवाह बना रहता है और आर्थिक समस्याएं दूर रहती हैं। इस धनतेरस, जानिए कैसे तैयार करें यह पवित्र पोटली और घर लाएं समृद्धि।

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 18, 2025 पर 11:05 AM
Dhanteras 2025: धनतेरस पर इस पोटली को रखें, कुबेर देव और लक्ष्मी माता होंगी प्रसन्न!
Dhanteras 2025: इसे पूजा के बाद सालभर तिजोरी या सुरक्षित स्थान में रखा जाता है।

हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। ये पर्व केवल धन और समृद्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसे घर में सकारात्मक ऊर्जा, खुशहाली और सौभाग्य लाने वाला भी माना जाता है। धनतेरस के दिन लोग विशेष रूप से भगवान धन्वंतरि, कुबेर देव और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इस दिन बनाई जाने वाली धनलक्ष्मी पोटली, जिसे कुबेर की पोटली या धनवर्षा पोटली भी कहा जाता है, घर में धन की वृद्धि और पैसों के प्रवाह को बनाए रखने में मदद करती है।

इसे पूजा के बाद सालभर तिजोरी या सुरक्षित स्थान में रखा जाता है। माना जाता है कि पोटली रखने से घर में आर्थिक स्थिरता बनी रहती है, पैसों से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। इस तरह, धनतेरस सिर्फ धन का पर्व नहीं, बल्कि सौभाग्य और खुशियों का भी उत्सव है।

धनलक्ष्मी पोटली बनाने की सामग्री

पोटली बनाने के लिए कुछ विशिष्ट सामग्री की जरूरत होती है। इसमें शामिल हैं: लाल कपड़ा (नया), कमल के बीज (5), हरी इलायची (5), लौंग (5), साबुत धनिया, अक्षत (कच्चे चावल), हल्दी, कुमकुम, पीली सरसों, मौली, साबुत हल्दी की गांठ (1), कौड़ी (5), सुपारी (5), गोमती चक्र (5), चांदी का सिक्का और श्रद्धानुसार कुछ रुपए। यह सारी सामग्री न सिर्फ धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता का संचार भी करती है।

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