Ganga Dussehra 2026: पतित पावनी मां गंगा के धरती पर प्रवाहित होने के प्रतीक के रूप में गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम के पूर्वज भगीरथ ने अपने कुल के लोगों की आत्मा की शांति और उनके तर्पण के लिए मां गंगा का धरती पर आने के लिए आह्वान किया था। इसके लिए उन्होंने घोर तपस्या की और ब्रह्मा जी के आशीर्वाद से गंगा मां को धरती पर लाने में सफल रहे। लेकिन उनका वेग इतना अधिक था कि धरती उसे संभाल नहीं पा रही थी। इसलिए गंगा मां जब स्वर्ग से धरती पर उतरीं तो भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण कर लिया था। इसके बाद ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को उन्होंने धरती पर गंगा को प्रवाहित किया था।
