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Guru Gochar in Kark Rashi: 12 साल बाद कर्क राशि में गुरु का महागोचर, गुरु दोष दूर करने में काम आएंगे ये अचूक उपाय

Guru Gochar in Kark Rashi: 12 साल बाद देवगुरु बृहस्‍पति का आज महागोचर हुआ है। यह ग्रह अपनी नीच राशि मिथुन से निकल कर कर्क राशि में आ गया है, जहां यहा उच्‍च के होते हैं। ज्‍योतिष शास्‍त्र में इस गोचर को बेहद अहम माना जाता है। आइए जानें गुरु दोष दूर करने के उपाय

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 02, 2026 पर 11:42 AM
Guru Gochar in Kark Rashi: 12 साल बाद कर्क राशि में गुरु का महागोचर, गुरु दोष दूर करने में काम आएंगे ये अचूक उपाय
12 साल बाद देवगुरु बृहस्‍पति का आज महागोचर कर्क राशि में हुआ है।

Guru Gochar in Kark Rashi: ज्‍योतिष शास्‍त्र में सुख, संपत्ति, शिक्षा, संतान, बुद्ध‍ि, धन और संतान के कारक माने जाते हैं। इन्‍हें ज्‍योतिष में शुभ ग्रह का दर्जा प्राप्‍त है। हिंदू धर्म में शुभ कार्यों के लिए बृहस्‍पति की शुभ स्‍थिति का विचार किया जाता है। आज 2 जून, 2026 को देवगुरु बृहस्‍पति अपनी नीच राश‍ि मिथुन से निकल कर उच्‍च राशि कर्क में गोचर कर गए हैं। देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर साल 2026 की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाओं में से एक है। 12 साल बाद अपनी उच्‍च राशि में पहुंचे गुरु के इस स्‍थान परिवर्तन को ज्‍योतिष शास्‍त्र के जानकार महागोचर मान रहे हैं। गुरु जब अपनी उच्च राशि में आते हैं, तो वे अत्यंत बलवान होकर संसार पर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं। यह समय जहां, कुछ राश‍ियों के लिए तरक्‍की और उन्‍नति के दरवाजे खोलने वाला है, वहीं यह गुरु दोष के लिए भी बहुत अहम माना जा रहा है।

गुरु गोचर की तारीख

गुरु का कर्क राशि का यह सफर थोड़ा अनोखा रहेगा, क्योंकि इस दौरान वे अतिचारी (तेज गति) होकर अगली राशि में जाएंगे और फिर वक्री होकर वापस लौटेंगे:

2 जून 2026 (मंगलवार): गुरु सुबह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।

14 जुलाई – 12 अगस्त 2026: इस दौरान गुरु सूर्य के निकट आने से अस्त रहेंगे, जिससे कुछ समय के लिए इनके शुभ प्रभावों में थोड़ी कमी आ सकती है।

31 अक्टूबर 2026: गुरु तीव्र गति से चलते हुए सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

25 जनवरी 2027: गुरु वक्री अवस्था में फिर से कर्क राशि में लौटेंगे और जून 2027 तक यहीं रहेंगे।

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