Guru Gochar in Kark Rashi: ज्योतिष शास्त्र में सुख, संपत्ति, शिक्षा, संतान, बुद्धि, धन और संतान के कारक माने जाते हैं। इन्हें ज्योतिष में शुभ ग्रह का दर्जा प्राप्त है। हिंदू धर्म में शुभ कार्यों के लिए बृहस्पति की शुभ स्थिति का विचार किया जाता है। आज 2 जून, 2026 को देवगुरु बृहस्पति अपनी नीच राशि मिथुन से निकल कर उच्च राशि कर्क में गोचर कर गए हैं। देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर साल 2026 की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाओं में से एक है। 12 साल बाद अपनी उच्च राशि में पहुंचे गुरु के इस स्थान परिवर्तन को ज्योतिष शास्त्र के जानकार महागोचर मान रहे हैं। गुरु जब अपनी उच्च राशि में आते हैं, तो वे अत्यंत बलवान होकर संसार पर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं। यह समय जहां, कुछ राशियों के लिए तरक्की और उन्नति के दरवाजे खोलने वाला है, वहीं यह गुरु दोष के लिए भी बहुत अहम माना जा रहा है।
