Guru Purnima 2026 Date: इस साल प्रीति योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा, जानें तारीख, मुहूर्त और महत्व

Guru Purnima 2026 Date: हिंदू धर्म गुरु का विशेष स्थान है और उनके प्रति आदर और श्रद्धा जताने के लिए गुरु पूर्णिमा का दिन भी तय है। इस साल गुरु पूर्णिमा पर प्रीति योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लगने से यह दिन और भी पावन हो गया है। आइए जानें गुरु पूर्णिमा की तारीख, मुहूर्त और महत्व

अपडेटेड Jul 17, 2026 पर 7:00 AM
इस साल गुरु पूर्णिमा पर प्रीति योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का योग बन रहा है।

Guru Purnima 2026 Date: हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। यह दिन गुरुओं के प्रति सम्मान, कृतज्ञता व्यक्त करने और कुंडली में देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस दिन को महाभारत और पुराणों के रचयिता महर्षि वेदव्यास के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी कारण इसे 'व्यास पूर्णिमा' भी कहते हैं। इस दिन गुरु की पूजा और आशीर्वाद प्राप्त करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और बुद्धि, ज्ञान तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस साल गुरु पूर्णिमा पर प्रीति योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का योग बन रहा है। यह दिन गुरु दोष दूर करने के लिए भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्रीति योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में गुरु पूर्णिमा

इस साल की गुरु पूर्णिमा पर प्रीति योग और उत्तराषाढा नक्षत्र बन रहा है। प्रीति योग प्रात:काल से लेकर रात के 11 बजकर 58 मिनट तक है, उसके बाद से आयुष्मान योग बनेगा। प्रीति योग के स्वामी ग्रह बुध और देवता भगवान विष्णु हैं। प्रीति योग में आप नए रिश्तों की शुरुआत कर सकते हैं, कोई विवाद है तो उसको निपटाने का प्रयास कर सकते हैं या कोई महत्वपूर्ण डील फाइनल करके मान-सम्मान प्राप्त कर सकते हैं। उत्तराषाढा नक्षत्र सुबह से लेकर दोपहर 03:37 पी एम तक है, उसके बाद से श्रवण नक्षत्र है।

गुरु पूर्णिमा 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। साल 2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई, बुधवार को मनाई जाएगी।

पूर्णिमा तिथि का आरंभ : 28 जुलाई 2026 को शाम 06:18 बजे से


पूर्णिमा तिथि का समापन : 29 जुलाई 2026 को रात 08:05 बजे तक

पूजन व स्नान-दान के शुभ चौघड़िया मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:17 से 04:59 तक

लाभ-उन्नति मुहूर्त : सुबह 05:41 से 07:22 तक

अमृत मुहूर्त : सुबह 07:22 से 09:04 तक

शुभ मुहूर्त : सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 तक

गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरु पूर्णिमा के दिन महर्षि वेद व्यास जी का जन्म हुआ था। इस वजह से हर इस दिन वेद व्यास जयंती मनाते हैं और उनकी पूजा करते हैं। वेद व्यास जी ने महाभारत और वेदों की रचना की थी। भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सभी गुरुजनों का सम्मान करते हैं और उनकी दी गई शिक्षा के प्रति आभार और कृतज्ञता जताते हैं। गुरु के ज्ञान से ही जीवन में सफलता के लिए हमें सही मार्ग मिलता है।

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