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Guru Purnima 2026: 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर 56 साल बाद एक साथ 3 राजयोगों का बना दुर्लभ संयोग, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Guru Purnima 2026: हर साल आषाढ़ पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने गुरु का आशीर्वाद लेते हैं और उनका आभार व्यक्त करते हैं। इस साल गुरु पूर्णिमा के दिन एक साथ 3 राजयोगों का निर्माण हो रहा है, जिससे इस दिन का महत्व बढ़ गया है। आइए जानें

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 24, 2026 पर 4:36 PM
Guru Purnima 2026: 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर 56 साल बाद एक साथ 3 राजयोगों का बना दुर्लभ संयोग, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
इस बार गुरु पूर्णिमा पर ग्रहों का बहुत अद्भुत और शुभ संयोग बन रहा है।

Guru Purnima 2026: हिंदू धर्म में आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चारों वेदों और महाभारत के रचयिता ऋषि वेद व्यास का जन्म हुआ था। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। साथ ही, इस दिन गुरु पूर्णिमा का पर्व भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा लोग अपने गुरुओं का सम्मान करते हैं और उनका आभार जताते हैं।

माना जाता है कि इस दिन जो लोग अपने माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों को अपना गुरु मानकर उनका सम्मान करते हैं, उन्हें सद्गति प्राप्त होती है। इस दिन अपने गुरु के पास जाकर उनके चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। इस बार गुरु पूर्णिमा पर ग्रहों का बहुत अद्भुत और शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ऐसा संयोग 56 वर्षों में पहली बार देखने को मिल रहा है। आइए जानें इस दिन की विशेष पूजा विधि, मुहूर्त और इस दिन बन रहे 3 राजयोगों के बारे में

गुरु पूर्णिमा 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 28 जुलाई 2026 को शाम 06:18 बजे से होगी। इसका समापन 29 जुलाई को रात 08:05 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा।

सत्यनारायण व्रत और गुरु पूजन का समय

29 जुलाई को सुबह 05:41 बजे से लेकर प्रातः 09:47 बजे तक पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त रहेगा। इस दौरान आप सत्यनारायण भगवान की कथा और अपने गुरु का पूजन कर सकते हैं।

56 साल बाद बन रहे हैं 3 राजयोग

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