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Hartalika teej 2026 Puja Time: क्या हरतालिका तीज पर रहेगा भद्र का साया ? जानें सुबह-शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त

Hartalika teej 2026 Puja Time: हरतालिका तीज का व्रत हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह व्रत 14 सितंबर को किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, इस दिन भद्रा भी लग रही है। ऐसे में, आइए जानें क्या भद्रा के साये होगा हरतालिका तीज का व्रत

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 12, 2026 पर 7:00 AM
Hartalika teej 2026 Puja Time: क्या हरतालिका तीज पर रहेगा भद्र का साया ? जानें सुबह-शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त
हरतालिका तीज व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के पश्चात करना सबसे उत्तम माना गया है।

Hartalika teej 2026 Puja Time: भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित हरतालिका तीज व्रत को सबसे कठिन उपवास माना जाता है, क्योंकि इसमें व्रती महिलाएं लगभग 24 घंटे निर्जला उपवास करती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती भगवान शिव को अपने पति रूप में पाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने हिमालय पर बिना अन्न-जल हजारों वर्ष कठिन तप किया। माता पार्वती के पिता हिमालय उनका विवाह भगवान विष्णु से कराना चाहते थे। जब यह बात माता पार्वती को पता चली, तो उनकी सखियों ने उनका हरण कर लिया और उन्हें एक जंगल में छिपा दिया। इसी से इस व्रत का नाम हरतालिका पड़ा, क्योंकि संस्कृत में हरत का अर्थ हरण करने से है और आलिका का अर्थ सखी होता है। यानी सखियों द्वारा हरण किया जाना। माना जाता है कि माता पार्वती ने भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को जंगल में मिट्टी से शिवलिंग बनाकर पूजा की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया था।

हरतालिका तीज का व्रत पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और तरक्की के लिए किया जाता है। विवाहित महिलाएं और कुंवारी कन्याएं दोनों ही निर्जला व्रत करती हैं। यह व्रत हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है। इस साल यह व्रत सोमवार के दिन 14 सितंबर को किया जाएगा। लेकिन इस साल हरतालिका तीज के दिन भद्रा भी लग रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इस दिन सुबह-शाम की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त कब से कब तक मिलेगा?

हरतालिका तीज व्रत तारीख

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर 2026, रविवार को सुबह 07:09 मिनट पर प्रारंभ होगी और 14 सितंबर 2026, सोमवार को सुबह 07:07 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। उदया तिथि में प्रदोष व्रत 14 सितंबर को ही किया जाएगा।

हरतालिका तीज पर भद्रा का साया

ज्योतिष शास्त्र में भद्रा को अशुभ काल माना गया है। इस समय किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य की मनाही होती है। कहा जाता है कि भद्रा काल में किए गए उत्तम फलों का नकारात्मक या अशुभ फल प्राप्त होता है। इस बार हरतालिका तीज के दिन भद्रा का साया रहने वाला है। इस दिन भद्राकाल शाम 07:20 बजे प्रारंभ होगी और अगले दिन 15 सितंबर को सुबह 07 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी।

हरतालिका तीज पर सुबह-शाम के पूजन मुहूर्त

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