Holi 2026 Date: होली का त्योहार हर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों में पकवान बनाते हैं, होली मिलने और बधाई देने एक-दूसरे के घर जाते हैं और एक-दूसरे पर रंग डालते हैं। इस पर्व में दो दिन खास होते हैं, एक होलिका दहन और उसके अगले दिन रंगों का त्योहार होली होता है। होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को किया जाता है, वहीं रंगों की होली अगले दिन यानी चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। ये हिंदू धर्म के प्रमुख और साल के सबसे बड़े त्योहारों में से एक माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और श्री कृष्ण की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस साल होली पर कई शुभ संयोगों का भी निर्माण हो रहा है। आइए जानें रंगों का ये पर्व इस साल किस दिन मनाया जाएगा और कौन से शुभ संयोग इस दिन बन रहे हैं? इसके अलावा, इस साल होलिका दहन का समय और मुहूर्त क्या रहेगा ?
2026 में होलिक दहन और होली कब होंगे?
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा 3 मार्च को है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि सोमवार 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट से प्रारंभ हो रही है। इस तिथि का समापन 3 मार्च दिन मंगलवार को शाम में 5 बजकर 7 मिनट पर हो रहा है। फाल्गुन पूर्णिमा को प्रदोष काल में होलिका दहन किया जाता है। इसलिए होलिका दहन 3 मार्च मंगलवार को होगा। होली का त्योहार इसके अगले दिन चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा यानी बुधवार, 4 मार्च को मनाया जाएगा।
होलिका दहन और होली पर बन रहे शुभ संयोग
4 मार्च को होली के दिन धृति योग और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है। उस दिन धृति योग प्रात:काल से लेकर सुबह 08:52 तक है, उसके बाद शूल योग बनेगा। 4 मार्च को पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 07:39 बजे तक है। इसके बाद से उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है। होली पर ब्रह्म मुहूर्त प्रात: 05:04 बजे से प्रात: 05:54 बजे तक है, उस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं है। इस साल की होलिक दहन पर सुकर्मा योग बन रहा है। प्रात:काल से लेकर सुबह 10:25 बजे तक सुकर्मा योग रहेगा। सुकर्मा योग को एक शुभ योग माना जाता है। सुबह 10 बजकर 25 मिनट के बाद धृति योग बनेगा, वहीं मघा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 07:31 बजे तक रहेगा। फिर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है। मुहूर्त के अनुसार धृति योग ओर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में होलिका दहन होगा।