हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का पर्व बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार केवल धन और समृद्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, खुशहाली और सौभाग्य लाने वाला भी माना जाता है। धनतेरस पर विशेष रूप से धन के अधिपति और स्वर्ग के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर की पूजा का विधान है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, कुबेर जी यक्षों और धन के स्वामी हैं और उनकी एक आंख सोने की थी। कहते हैं कि कुबेर ने अपनी तपस्या से भगवान शिव को प्रसन्न किया और इसके परिणामस्वरूप उन्हें धन और यक्षों का स्वामी बनने का वरदान प्राप्त हुआ।
