Jyeshtha Month 2026: हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना ज्येष्ठ का होता है। इस माह में गर्मी का मौसम अपने प्रचंड रूप में होता है। हिंदू धर्म में इस माह को धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से अहम माना जाता है। यह महीना रुद्रावतार हनुमान जी को समर्पित है और इसमें पड़ने वाले सभी मंगलवार हनुमान भक्तों के लिए विशेष स्थान रखते हैं।
पंचांग के अनुसार, संवत 2083 के ज्येष्ठ माह में 32 महीनों, 16 दिन और चार घड़ी बाद अधिक मास का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यानी इस साल एक नहीं दो ज्येष्ठ माह होंगे। यह खबर हनुमान भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दो ज्येष्ठ पड़ने से इस साल 8 बड़े मंगल का संयोग बन रहा है। सामान्य वर्षों में जहां चार या पांच बड़े मंगल ही होते हैं, वहीं इस साल ज्येष्ठ में अधिक मास के कारण भक्तों को अतिरिक्त पुण्य अर्जित करने का अवसर मिलेगा।
कब से शुरू होगा ज्येष्ठ मास 2026
वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई 2026 से होगी और यह महीना 29 जून 2026 तक चलेगा। इस बार ज्येष्ठ मास के दौरान ही अधिक मास का संयोग बन रहा है। दो ज्येष्ठ माह का यह दुर्लभ संयोग लगभग 19 साल बाद देखने को मिलेगा।
17 मई से 15 जून तक रहेगा अधिक मास
क्यों खास हैं इस बार के बड़े मंगल?
उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में खासतौर से ज्येष्ठ माह के मंगलवार को 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' कहा जाता है। इसमें भक्त हनुमान जी की विशेष पूजा, भंडारे, प्रसाद वितरण और सुंदरकांड पाठ करते हैं। मान्यता है कि ज्येष्ठ मास के मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं, रोग-शोक समाप्त होते हैं और साहस व आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
2026 में कब-कब पड़ेंगे बड़े मंगल
5 मई 2026 — पहला बड़ा मंगल
12 मई 2026 — दूसरा बड़ा मंगल
19 मई 2026 — तीसरा बड़ा मंगल
26 मई 2026 — चौथा बड़ा मंगल
2 जून 2026 — पांचवां बड़ा मंगल
9 जून 2026 — छठा बड़ा मंगल
16 जून 2026 — सातवां बड़ा मंगल
23 जून 2026 — आठवां बड़ा मंगल
बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान कर हनुमान मंदिर में दर्शन करना शुभ माना जाता है। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ विशेष फलदायी माना गया है। लाल वस्त्र, सिंदूर, चमेली का तेल, बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा जल सेवा, शरबत वितरण, गरीबों को भोजन कराना और दान-पुण्य करना भी इस दिन अत्यंत शुभ फल देता है।