Jyeshtha Purnima 2026: पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपनी पूर्ण अवस्था में 16 कलाओं से युक्त होते हैं। माना जाता है कि इस दिन माता लक्ष्मी धरती पर अपने भक्तों का हाल जानने के लिए आती हैं। साथ ही इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने का भी विधान है। पूरे साल में 12 पूर्णिमा तिथियां आती हैं। लेकिन अधिक मास लगने से इनकी संख्या 13 हो जाती है। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लगने से 31 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा का व्रत किया गया था। अब शुद्ध ज्येष्ठ माह का शुक्ल पक्ष चल रहा है और इसका समापन ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन होगा।
