Kajari Teej 2026: कजरी तीज का व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इसे कजली तीज, सातुड़ी तीज या भादो तीज भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में यह सुहागिन महिलाओं और अविवाहित कन्याओं द्वारा मनाया जाने वाला एक अत्यंत पवित्र त्यौहार है। कजरी तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी दांपत्य जीवन के लिए यह निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित कन्याएं यह व्रत योग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए रखती हैं। माना जाता है कि इसी दिन माता पार्वती की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।
