Kamika Ekadashi 2025: शिव और विष्णु की एक साथ पूजा का महासंयोग आज, ये खास संयोग भी बन रहे

Kamika Ekadashi 2025: सावन माह को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसमें भी सोमवार को भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। आज सावन के सोमवार के दिन कामिका एकादशी होने की वजह से इस दिन का महत्व बढ़ गया है। इस दिन गौरी योग सहित और भी कई संयोग बन रहे हैं।

अपडेटेड Jul 21, 2025 पर 11:07 AM
Sawan somwar 2025: यह व्रत खासकर विवाहित और अविवाहित महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

हिंदू धर्म में सावन के महीने को भोलेनाथ की पूजा के लिहाज से अत्यंत पवित्र माह माना गया है। इसमें भी सावन के सोमवार का महत्व और भी ज्यादा है। आज सावन का दूसरा सोमवार है और आज ही कामिका एकादशी 2025 होने की वजह से यह दिन और भी खास हो जाता है। आज का दिन एक तो खास इसलिए है, क्योंकि एकादशी पर श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है और सावन सोमवार होने की वजह से भगवान शिव और मां पार्वती की भी पूजा होगी। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु और शिव की उपासना का महासंयोग बन रहा है। इसके अलावा आज और भी कई महत्वपूर्ण संयोग बनने से यह दिन और भी खास हो जाता है।

कब मनाई जाती है कामिका एकादशी 2025

कामिका एकादशी सावन महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन मनाई जाती है। भक्त मनचाही मुराद पाने के लिए कामिका एकादशी का व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी पूजा करते हैं। हमारे शास्त्रों में व्रत की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है।

आज बन रहे विशेष संयोग

सावन के सोमवार के दिन एकादशी तिथि होने की वजह से भगवान शिव और श्रीहरि विष्णु दोनों की कृपा पाने विशेष अवसर है। इस दिन भोलेनाथ के साथ-साथ भगवान विष्णु का भी जलाभिषेक करने से कई गुना फल की प्राप्ति हो सकती है। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ ही बेलपत्र और तुलसी के साथ भगवान विष्णु का भी जलाभिषेक कर सकते हैं।

इतने संयोग एक ही दिन


कामिका एकादशी 2025 पर वृद्धि योग, ध्रुव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग के अद्भुत संयोग बन रहे हैं। सोमवार के स्वामी चंद्रा रोहिणी नक्षत्र में उच्च के हो कर गौरी योग बनाएंगे और अपनी राशि वृषभ में गोचर करेंगे। इसके अलावा रोहिणी नक्षत्र के योग से वृद्धि, स्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है।

नोट करें संयोगों का समय

  • वृद्धि योग का समय शाम 06 बजकर 39 मिनट तक है।
  • ध्रुव योग का संयोग शाम 06 बजकर 39 मिनट बन रहा है।
  • सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण दिन भर हो रहा है।
  • अमृत सिद्धि योग रात 09 बजकर 37 मिनट से हो रहा है।

Sawan Shivratri 2025: बन रहा दुर्लभ संयोग, ये 3 राजयोग करेंगे मालामाल

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।