Magh Purnima 2026 Upay: माघ पूर्णिमा की तिथि का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। इसे हिंदू कैलेंडर की सबसे पवित्र और पुण्यदायी तिथियों में से एक माना जाता है। माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान का और उसके बाद दान-पुण्य का भी बहुत महत्व है। बहुत से भक्त इस दिन तीर्थराज प्रयाग में त्रिवेणी संगम में स्नान करने के लिए भी पहुंचते हैं। इस साल माघ पूर्णिमा की पावन तिथि 1 फरवरी को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर किया गया दान न केवल पुण्य प्रदान करता है, बल्कि नवग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत करता है। ग्रहों की महादशा या ग्रह दोष की शांति के लिए इस दिन दान जरूर करना खहिए। आइए जानते हैं कि इस दिन ग्रहों की शांति के लिए किन चीजों का दान करना उचित होता है?
सूर्य : सूर्य आत्मबल, मान-सम्मान और स्वास्थ्य का कारक ग्रह है। माघ पूर्णिमा पर गुड़ और गेहूं का दान करने से सूर्य मजबूत होता है। किसी गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति को दान देना ही उत्तम फलदायी होता है।
चंद्रमा : चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। इस ग्रह की शांति के लिए माघ पूर्णिमा पर सफेद कपड़े, दूध, मिश्री या चावल का दान करना चाहिए।
मंगल : मंगल साहस और ऊर्जा का प्रतीक है। माघ पूर्णिमा पर मसूर की दाल, गुड़ या लाल कपड़ों का दान करने से मंगल दोष के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है।
बुध : बुद्धि और वाणी के स्वामी बुध ग्रह को शांत करने के लिए हरी सब्जियां, हरी मूंग, आंवला या हरे कपड़े दान करना उत्तम माना गया है। इस उपाय से छात्रों की एकाग्रता भी बेहतर होती है।
शुक्र : शुक्र सुख, वैभव और वैवाहिक जीवन का कारक है। माघ पूर्णिमा पर घी, दूध, चावल या सफेद तिल का दान करने से रिश्तों में मधुरता और भौतिक सुखों में वृद्धि होती है।
शनि : शनि दोष दूर करने के लिए माघ पूर्णिमा पर काले तिल, सरसों का तेल या काले कपड़े दान करना चाहिए। इससे शनि के कठोर प्रभाव में कमी आती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
राहु-केतु : ये दोनों ग्रह अचानक आने वाली समस्याओं के कारक माने जाते हैं। माघ पूर्णिमा पर सात तरह के अनाज, काला कंबल या जूते-चप्पल का दान करने से इनके दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है।
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