Mahashivratri 2026 Upay: सुयोग्य वर पाने के लिए कुंवारी कन्याएं इस विधि से करें महादेव की पूजा, जल्द बजेगी शहनाई

Mahashivratri 2026 Upay: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि पर महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए माना जाता है कि कुंवारी कन्याएं अब विधि विधान से इस दिन भगवान शिव मां पार्वती की पूजा करती हैं, तो उनके आशीर्वाद से जल्द विवाह के योग बनते हैं

अपडेटेड Feb 14, 2026 पर 7:00 AM
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महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।

Mahashivratri 2026 Upay: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व सिर्फ धार्मिक आयोजन या व्रत न होकर एक उत्सव है। इसमें महादेव स्वयं दूल्हा बनते हैं और माता पार्वती दुल्हन बनती हैं। महाशिवरात्रि की पावन रात को दोनों एक दूसरे का वरण करते हैं। इसलिए माना जाता है कि इस दिन कुंवारी कन्याएं अगर पूरी आस्था और विधि विधान से महादेव और मां पार्वती की पूजा करती हैं, तो उन्हें सुयोग्य वर मिलता है। साथ ही, विवाह में आ रही दिक्कतें दूर होती हैं और जल्द उनके घर शादी की शहनाई बजती है।

महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म की सबसे पावन तिथियों में से एक होता है। यह पर्व हर साल फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस साल ये पर्व रविवार 15 फरवरी के दिन मनाया जाएगा। इसमें रात्रि की चार पहर की पूजा का विशेष महत्व है। लोग इस दिन श्रद्धा भाव से शिवलिंग की पूजा करते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की दुआ मांगते हैं। कुंवारी कन्याओं के लिए तो महाशिवरात्रि बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। इस दिन कुंवारी कन्याएं व्रत रखकर भगवान शिव से मनचाहा वर पाने का आशीर्वाद मांगती हैं। वहीं, जिनकी शादी लंबे समय से अटकी हुई है या बार-बार कोई ना कोई बाधा सामने आ रही है तो ऐसे लोग इस महाशिवरात्रि पर एक खास उपाय अपना कर हर रुकावट को दूर करने की कोशिश कर सकते हैं।

इस विधि से करें महादेव की पूजा

महाशिवरात्रि के दिन कुंवारी कन्याएं ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। पूजा घर को गंगा जल से शुद्ध कर भगवान शिव और मां पार्वती की मूर्ति को चौकी पर रख दें। चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछा दें। बगल में एक पात्र लेकर उसमें शिवलिंग को रखें। अब दूध, दही, शहद और गंगाजल के साथ शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर चंदन का लेप लगा दें। अब शिवलिंग पर भगवान शिव की सबसे प्रिय चीज बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें। आक के फूल अर्पित कर दें। इसके बाद धूपबत्ती और दीया जलाएं।

मां पार्वती को सोलह श्रृंगांर की सामग्री चढ़ाएं

अब मां पार्वती को सोलह श्रृंगार यानी सुहाग की सामग्री चढ़ाएं। इसके बाद शिव-पार्वती के नाम का भोग लगाएं। भोग में आप खीर, फल और मिठाई रखें। बाद में महाशिवरात्रि की कथा का पाठ करें। पूजा का समापन आप शिव चालीसा और ॐ नमः शिवाय मंत्र के जाप के साथ करें। इस बात का ध्यान रखें की शिवरात्रि के दिन काले या भूरे रंग के कपड़े नहीं पहनने हैं।


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