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Mahashivratri 2026 Vrat ke Niyam: करना है महाशिवरात्रि का व्रत, तो जान लें उपवास में खानपान के ये जरूरी नियम

Mahashivratri 2026 Vrat ke Niyam: महाशिवरात्रि का व्रत पूरे देश बहुत आस्था और नियम पालन के साथ मनाया जाता है। यह पर्व सभी शिव भक्तों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इसमें सात्विक खानपान विशेष रूप से अनिवार्य होता है। आइए जानें इस व्रत से जुड़े खानपान के नियमों के बारे में

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 12, 2026 पर 11:02 AM
Mahashivratri 2026 Vrat ke Niyam: करना है महाशिवरात्रि का व्रत, तो जान लें उपवास में खानपान के ये जरूरी नियम
इस व्रत में भी उसका पूर्ण फल तभी मिलता है, जब खानपान के नियमों का सही से पालन करते हैं।

Mahashivratri 2026 Vrat ke Niyam: महाशिवरात्रि दुनिया भर के शिवभक्तों के लिए पूरे साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन भक्त अपने भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के नियम अपनाते हैं। इसमें पूजा-पाठ और अनुष्ठान से लेकर खानपान तक सब कुछ शामिल रहता है। देवाधिदेव महादेव को समर्पित महाशिवरात्रि का पर्व केवल मन की शांति ही नहीं बल्कि शरीर को शुद्ध करने के लिए भी बेहतरीन माना जाता है। लेकिन किसी भी व्रत की तरह इस व्रत में भी उसका पूर्ण फल तभी मिलता है, जब खानपान के नियमों का सही से पालन करते हैं। अगर आप भी इस महाशिवरात्रि पर व्रत रखने का मन बना रहे हैं, तो पहले इस व्रत में खानपान के इन नियमों को जरूर जान लें।

तीन तरह से करते हैं महाशिवरात्रि व्रत

भगवान और भक्त के बीच किसी चीज का कोई स्थान नहीं होता और भक्त जैसे चाहे वैसे अपने आराध्य को साध सकता है, लेकिन महाशिवरात्रि का व्रत आमतौर पर तीन तरह से किया जाता है :

निर्जला व्रत : इसे सबसे कठिन व्रत माना जाता है। इस उपवास में पूरे दिन और रात भोजन और पानी ग्रहण नहीं किया जाता है।

फलाहार व्रत : यह सबसे ज्यादा प्रचलित व्रत है। इसमें फल, मेवे, दूध और ड्राई फ्रूट्स का सेवन किया जा सकता है। तामसिक चीजों का सेवन वर्जित होता है।

सात्विक व्रत : इसमें अनाज रहित भोजन किया जाता है, जैसे साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू की रोटी, आलू और मूंगफली आदि।

महाशिवरात्रि व्रत में खानपान के नियम

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