Makar Sankranti 2026 Colors: मकर संक्रांति का पर्व हर साल सूर्य भगवान के मकर राशि में प्रवेश करने के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन लोग पवित्र गंगा नदी में स्नान करते हैं और उसके बाद दान-पुण्य करते हैं। इस दिन के बाद से खरमास समाप्त हो जाता है और मांगलिक कार्य फिर से शुरू होते हैं। इतना ही नहीं, माना जाता है कि इस दिन के बाद से कड़ाके की सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे विदा होने लगता है। यह त्योहार कृषि उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन से कटाई का मौसम शुरू होता है। कृषक समुदाय के लोग इस दिन अच्छी फसल और आने वाले कटाई के मौसम के लिए भगवान सूर्य को आभार प्रकट करते हैं। माना जाता है कि इस दिन विशेष रंग के कपड़े पहनने पर भगवान सूर्य का आशीर्वाद मिलता है। आइए जानें किस रंग का क्या अर्थ है?
लाल रंग शुभता और वैवाहिक सुख लाता है : लाल रंग को शुभता, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यह रंग माता लक्ष्मी के आशीर्वाद का प्रतीक होता है। महिलाओं के लिए मकर संक्रांति पर लाल रंग की साड़ी या सूट पहनना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह सुहाग और पारिवारिक सुख का प्रतीक है।
गुलाबी रंग प्रेम, सौभाग्य और लक्ष्मी कृपा का संकेत : गुलाबी रंग माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है और यह अच्छे भाग्य का संकेत माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गुलाबी रंग पहनने से श्रीकृष्ण और राधा रानी भी प्रसन्न होते हैं। यह रंग प्रेम, कोमलता और मानसिक शांति प्रदान करता है।
पीला रंग पहनने से आती है गुरु कृपा और विष्णु भक्ति : पीला रंग बृहस्पति ग्रह और भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। ज्योतिष के अनुसार गुरु ग्रह धर्म और अध्यात्म का कारक है। मकर संक्रांति पर पीले वस्त्र पहनने से श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है, मन सकारात्मक रहता है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
केसरिया रंग अग्नि और सूर्य की ऊर्जा का प्रतीक : सनातन परंपरा में केसरिया (ऑरेंज) रंग को त्याग, शक्ति और अग्नि का प्रतीक माना जाता है। यह रंग सूर्य देव से जुड़ा हुआ है। मकर संक्रांति के दिन केसरिया रंग के वस्त्र धारण करने से सूर्य की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।