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Mithun Sankranti 2026: 15 जून को मिथुन राशि में सूर्य के प्रवेश पर होगी मिथुन संक्रांत‍ि, जानें इसका धार्मिक महत्‍व और पुण्‍यकाल का समय

Mithun Sankranti 2026: हिंदू धर्म में सूर्य के राशि परिवर्तन को अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण माना जाता है। इस विशेष अवसर को संक्रांति के तौर पर मनाया जाता है। इस साल 15 जून को सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवश करेंगे। आइए जानें जानें मिथुन संक्रांति का पुण्‍यकाल कब है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 04, 2026 पर 7:00 AM
Mithun Sankranti 2026: 15 जून को मिथुन राशि में सूर्य के प्रवेश पर होगी मिथुन संक्रांत‍ि, जानें इसका धार्मिक महत्‍व और पुण्‍यकाल का समय
मिथुन संक्रांति का संयोग 15 जून 2026 सोमवार को अधिकमास के समाप्ति के दिन हो रहा है।

Mithun Sankranti 2026: सूर्य का धार्मिक और ज्‍योतिष शास्‍त्र दोनों में अहम स्‍थान है। इन्‍हें प्रत्‍यक्ष देव माना जाता है और शुभ कार्यों में इनकी शुभ स्‍थिति का विचार किया जाता है। सूर्य देव एक राशि में लगभग 30 दिन यानी एक महीने तक रहते हैं। इनके राशि परिवर्तन को सूर्य संक्रांति कहा जाता है। सूर्य अभी वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं और 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस राशि परिवर्तन पर मिथुन संक्रांति होगी। मिथुन संक्रांति के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सुबह 05 बजकर 23 मिनट से 07 बजकर 08 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

इस अवसर को ज्‍योतिष और धार्मिक रूप से महत्‍वपूर्ण माना जाता है। इस दिन पुण्‍यकाल और महा पुण्‍यकाल में पवित्र नदियों में स्‍नान करने और दान-पुण्‍य करने का विधान है। इस साल मिथुन संक्रांति का संयोग 15 जून 2026 सोमवार को अधिकमास के समाप्ति के दिन हो रहा है। इस दिन सूर्यदेव का मिथुन राशि में प्रवेश दोपहर करीब 12:58 बजे होगा। इस संक्रांति का महत्व ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में अधिक है। ओडिशा में मिथुन संक्रांति को 'राजा पर्ब' के रूप में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार तीन से चार दिनों तक चलता है। असम के गुवाहाटी में स्थित प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर में इस संक्रांति के दौरान 'अम्बुबाची मेला' लगता है।

मिथुन संक्रांति 2026 तारीख और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, सूर्य देव 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।

गोचर का समय : 15 जून को दोपहर 12 बजकर 58 मिनट सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।

पुण्य काल : दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से शाम 07 बजकर 20 मिनट तक।

महा पुण्य काल : दोपहर 12 बजकर 59 बजे से दोपहर 03 बजकर 19 मिनट तक

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