Mokshada Ekadashi 2025: मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। धर्म ग्रंथों में इस माह का भगवान श्री कृष्ण का प्रिय बताया गया है। इसी दिन कुरुक्षेत्र की रणभूमि में भगवान कृष्ण ने पांडु पुत्र अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। इसलिए गीता जयंति भी इसी दिन मनाई जाती है। माना जाता है कि मोक्षदा एकादशी के दिन व्रत करने वाले भक्त और उनके पूवर्जों को भी मोक्ष मिलता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इनकी पूजा में तुलसी दल रखना अनिवार्य होता है। लेकिन एकादशी के दिन तुलसी की पूजा और उसे जल देना वर्जित माना जाता है। मगर, आज हम आपको बताएंगे कि मोक्षदा एकादशी के दिन तुलसी को बिना छुए उसकी पूजा किस तरह कर सकते हैं।
