Mokshada Ekadashi 2025: मोक्षदा एकादशी का व्रत मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन किया जाता है। ये दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन सच्चे मन से पूजा और व्रत करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। शास्त्रों में इस एकादशी को मोक्ष प्रदान करने वाली तिथि बताया गया है। इसी दिन श्रीमद्भगवद्गीता का जन्म हुआ था, इसलिए इसे गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीविष्णु की उपासना कर मोक्ष और पापों से मुक्ति की कामना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने से भक्त और उसकी सात पीढ़ियों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
