मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि विवादित परिसर मूल रूप से एक मंदिर और संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने कहा कि ऐतिहासिक दस्तावेजों और साहित्य से यह साबित होता है कि यह जगह परमार वंश के राजा भोज से जुड़ा संस्कृत अध्ययन केंद्र ‘भोजशाला’ थी। कोर्ट ने यह भी माना कि यहां हिंदू पूजा की परंपरा कभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
