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Vat Savitri Vrat Rules: वट सावित्री व्रत के ये 7 नियम जान लीजिए, इसको फॉलो करने पर ही उपवास माना जाएगा पूरा

Vat Savitri Vrat Rules: ज्येष्ठ अमावस्या पर वट सावित्री व्रत 16 मई शनिवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर इस व्रत को सही नियमों के साथ न किया जाए, तो इसका पूरा फल नहीं मिलता है। यहां वट सावित्री व्रत से जुड़े 7 प्रमुख नियम बताए गए हैं जिन्हें फॉलो करना जरूरी माना जाता है।

MoneyControl Newsअपडेटेड May 14, 2026 पर 11:47 AM
Vat Savitri Vrat Rules: वट सावित्री व्रत के ये 7 नियम जान लीजिए, इसको फॉलो करने पर ही उपवास माना जाएगा पूरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर इस व्रत को सही नियमों के साथ न किया जाए, तो इसका पूरा फल नहीं मिलता है।

Vat Savitri Vrat Rules: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। इस साल ज्येष्ठ अमावस्या के अवसर पर यह व्रत 16 मई शनिवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर इस व्रत को सही नियमों के साथ न किया जाए, तो इसका पूरा फल नहीं मिलता है। खासकर जो महिलाएं पहली बार यह व्रत शुरू कर रही हैं, उन्हें पूजा पद्धति और नियमों का बारीकी से पालन करना चाहिए। यहां आपको वट सावित्री व्रत से जुड़े वे 7 प्रमुख नियम बताए गए हैं जिन्हें फॉलो करना जरूरी माना जाता है।

वट सावित्री का व्रत देवी सावित्री और सत्यवान की कथा से प्रेरित है। इसमें सावित्री ने अपने तप के बल पर यमराज से अपने पति के प्राण वापस पा लिए थे। इस साल अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 05:11 बजे से शुरू होकर 17 मई को तड़के 01:30 बजे तक रहेगी।

वट सावित्री व्रत से जुड़े 7 जरूरी नियम जान लीजिए

1. शुभ मुहूर्त में स्नान और संकल्प

व्रत की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के साथ होनी चाहिए। 16 मई को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:07 से 04:48 तक है। स्नान के बाद स्वच्छ होकर व्रत और अपनी पूजा का संकल्प जरूर लें। बिना संकल्प के कोई भी व्रत अधूरा माना जाता है।

2. सोलह श्रृंगार और रंगों का चुनाव

सुहागिन महिलाओं को इस दिन लाल, पीले या नारंगी रंग के कपड़े पहनने चाहिए। अगर संभव हो तो अपनी शादी का जोड़ा या नई साड़ी पहनकर पूर्ण सोलह श्रृंगार करें। काले या गहरे नीले रंग के कपड़ों से परहेज करना चाहिए।

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