May Pradosh Vart 2026: प्रदोष व्रत हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस तरह, हर माह में यह व्रत दो बार आता है, यानी पूरे साल में 24 प्रदोष व्रत होते हैं। त्रयोदशी तिथि जिस दिन पड़ती है, उसके आधार पर प्रदोष व्रत का नाम तय होता है। जैसे ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि आज यानी गुरुवार के दिन पड़ रही है, इसलिए आज गुरु प्रदोष व्रत किया जाएगा। यह व्रत भगवान शिव और बृहस्पति ग्रह दोनों की कृपा प्राप्त करने का अवसर देता है। इस व्रत में सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है।
