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माता-पिता या सास-ससुर? सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला! करना होगा किसी एक का चुनाव

CGHS: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए CGHS से जुड़ा एक बड़ा अपडेट आया है। CGHS के नियमों को लेकर सरकार ने साफ कर दिया है कि अब कर्मचारी अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को ही चुन सकते हैं

Edited By: Sheetalअपडेटेड May 14, 2026 पर 5:41 PM
माता-पिता या सास-ससुर? सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला! करना होगा किसी एक का चुनाव
CGHS: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए CGHS से जुड़ा एक बड़ा अपडेट आया है।

CGHS: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों के लिए CGHS से जुड़ा एक बड़ा अपडेट आया है। CGHS के नियमों को लेकर सरकार ने साफ कर दिया है कि अब कर्मचारी अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को ही चुन सकते हैं। कर्मचारी दोनों में से किसी एक पक्ष को ही मेडिकल बेनेफिट के लिए आश्रित के तौर पर चुन सकेंगे। सबसे अहम बात यह है कि यह फैसला केवल एक बार लिया जा सकेगा और बाद में बदला नहीं जा सकेगा।

यानी अगर किसी कर्मचारी ने एक बार अपने माता-पिता को चुना, तो भविष्य में वह सास-ससुर को CGHS सुविधा में शामिल नहीं कर पाएगा। यहां तक कि अगर माता-पिता का निधन हो जाए, तब भी विकल्प नहीं बदला जा सकेगा। यही नियम उल्टा भी लागू होगा। अगर किसी ने सास-ससुर को चुना है, तो बाद में माता-पिता को शामिल नहीं किया जा सकेगा। ऐसे में यह फैसला कर्मचारियों के लिए फायदे और चिंता दोनों का कारण बन सकता है। वन टाइम ऑप्शन कई लोगों के लिए मुश्किल भी खड़ी कर सकता है।

CGHS नियमों पर सरकार ने कही ये बात

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 13 मई 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम (OM) में बताया कि यह नियम CGHS और Central Services (Medical Attendance) Rules, 1944 के तहत लागू होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि पुरुष केंद्रीय कर्मचारी को यह फैसला केवल एक बार लेने का मौका मिलेगा कि वह अपने माता-पिता को आश्रित बनाएगा या सास-ससुर को।

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