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SIP से म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश करते हैं तो कभी ना करें ये 5 गलतियां

शेयर बाजार में कंसॉलिडेशन के दौरान में सिप से निवेश का रिटर्न घट सकता है। कई इनवेस्टर्स सिप से रिटर्न कम होने पर परेशान हो जाते हैं। कुछ तो सिप बंद करने के बारे में सोचने लगते हैं। इससे वे वेल्थ क्रिएशन का बड़ा मौका चूक जाते हैं

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड May 16, 2026 पर 2:54 PM
SIP से म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश करते हैं तो कभी ना करें ये 5 गलतियां
अगर आप नया निवेश शुरू करना चाहते हैं तो आपको मार्केट में तेजी आने के इंतजार नहीं करना चाहिए।

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ने म्यूचुअल फंड के निवेशकों को भी परेशान किया है। हर महीने सिप से निवेश के बावजूद उनका पैसा बढ़ नहीं रहा। कई इनवेस्टर्स इससे मायूस हैं। कुछ तो सिप की जगह बैंकों के रेकरिंग डिपॉजिट या एफडी में पैसा रखने के बारे में सोच रहे हैं। अगर आप भी इनमें से एक हैं तो आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखने की जरूरत है।

बाजार में गिरावट की वजह से सिप बंद नहीं करें

कई इनवेस्टर्स अभी सिप बंद करने के बारे में सोच रहे हैं। उनका मानना है कि कुछ समय बाद जब बाजार में तेजी आएगी तो वे फिर से अपना सिप शुरू करेंगे। इस गलती से बड़ी वेल्थ तैयार करने का मौका आपके हाथ से निकल जाएगा। सिप के निवेशकों को बाजार चढ़ने और गिरने दोनों स्थितियों में फायदा है। बाजार चढ़ने पर उनकी यूनिट्स की वैल्यू बढ़ती है। बाजार गिरने पर उन्हें सिप अमाउंट पर ज्यादा यूनिट्स एलॉट होते हैं। ये ज्यादा यूनिट्स निवेशक का पैसा काफी बढ़ा देते हैं, जब बाजार में रिकवरी आती है।

2. निवेश के लिए बाजार में तेजी का इंतजार नहीं करें

अगर आप नया निवेश शुरू करना चाहते हैं तो आपको मार्केट में तेजी आने के इंतजार नहीं करना चाहिए। सिप से निवेश की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपका पैसा धीरे-धीरे निवेश होता है। इससे लंबी अवधि में आपके निवेश की एवरेज कॉस्ट काफी कम रहती है। इससे लंबी अवधि में बड़ी वेल्थ तैयार करने में मदद मिलती है।

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