Navratri Special: मां दुर्गा के नौ रूप के लिए बताए गए हैं नौ रंग, जानें किस दिन कौन सा रंग पहनना है शुभ

Navratri Special: नवरात्र का पर्व नौ दिनों का होता है, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाता है। नवरात्र के अलग-अलग दिन अलग-अलग रंग पहनने का भी चलन है। आइए जानते हैं मां के नौ दिनों में नौ स्वरूप की पूजा में कौन सा रंग किस दिन पहनना होता है शुभ

अपडेटेड Sep 25, 2025 पर 11:38 AM
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मां दुर्गा की भक्ति में डूबे भक्त नौ दिनों में नौ अलग-अलग रंग पहन कर अपना समर्पण प्रदर्शित करते हैं।

Navratri Special: नवरात्र के पर्व में नौ अंक का बहुत महत्व है। एक तो ये पर्व नौ दिनों का होता है। इसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इसके अलावा मां के सभी रूपों का मंत्र, भोग और पूजा विधि अलग-अलग होती है। इतना ही नहीं इन नौ दिनों में नौ अलग-अलग रंग भी पहने जाते हैं। हालांकि देवी पुराण या धार्मिक ग्रंथों में इसका कोई उल्लेख नहीं है। लेकिन मां दुर्गा की भक्ति में डूबे भक्त इस तरह से अपना समर्पण प्रदर्शित करते हैं। आप इस भक्ति रस में डूबना चाहते हैं तो जानें नौ दिनों में पहनने वाले नौ रंगों के बारे में

मां दुर्गा के 9 स्वरूप और 9 रंग

नवरात्रि पहला दिन : पीला रंग (मां शैलपुत्री)

प्रतिपदा को नौ दुर्गे के प्रथम रूप देवी शैलपुत्री की पूजा की जाती है। शैलपुत्री को स्थिरता, शक्ति और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इनकी पूजा में पीले रंग पहनना शुभ माना जाता है। ये रंग जीवन में उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संकेत है, ठीक वैसे जैसे सूरज की पहली किरण होती है।

नवरात्रि दूसरा दिन : हरा रंग (मां ब्रह्मचारिणी)

दूसरे दिन मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा होती है। मां ब्रह्मचारिणी कठोर तप की देवी हैं. उनका जीवन संयम, साधना और अध्यात्म से जुड़ा है इसलिए हरा रंग उनकी पहचान है।


नवरात्रि तीसरा दिन : स्लेटी रंग (मां चंद्रघंटा)

तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है। मां का ये रूप शांति, स्थिरता और जमीन से जुड़ा हैं। इसलिए इनकी पूजा में ग्रे या स्लेटी रंग पहनना शुभ होता है। यह रंग संतुलन के साथ ही सौम्यता का भी प्रतिनिधित्व करता है।

नवरात्रि चौथा दिन : नारंगी रंग (मां कूष्मांडा)

चतुर्थी तिथि को मां कूष्मांडा पूजी जाती हैं। इन्हें ब्रह्मांड की रचयिता और आदिशक्ति का रूप माना जाता है। उनके गुणों से नारंगी रंग मेल खाता है, जो सृजन और शक्ति का रंग है। यह आत्मविश्वास, क्रिएटिविटी और ऊर्जावान जीवन का प्रतीक है। इनकी पूजा में ये रंग पहनने का शुभ फल मिलता है।

नवरात्रि पांचवां दिन : सफेद रंग  (मां स्कंदमाता)

नवरात्र के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा होती है। स्कंद कुमार को गोद में धारण किए मां का ये रूप ममता का प्रतीक है। इसलिए इस दिन सफेद रंग को तरजीह दी जाती है। ये रंग ममता और पवित्रता का है। सफेद रंग शांति, सरलता और निर्मलता का प्रतीक है।

नवरात्रि छठा दिन : लाल रंग (मां कात्यायनी)

मां कात्यायनी को समर्पित है नवरात्र का छठा दिन। मां का ये रूप साहस और प्रेम का प्रतीक हैं। उन्होंने असुरों का वध किया था इसलिए रंग लाल उनके गुणों से मेल खाता है। लाल रंग वीरता, प्रेम और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता हैऍ

नवरात्रि सातवां दिन : नीला रंग (मां कालरात्रि)

सप्तमी को मां कालरात्रि का स्मरण और ध्यान किया जाता है। वह भयंकर अंधकार और भय का विनाश करने वाली देवी हैं, इसलिए उनके इन गुणों को परिलक्षित करता है नीला रंग। यह रंग रहस्य के साथ सुरक्षा का भी पर्याय है। गहरा नीला रंग सुरक्षा, गहराई, और आंतरिक शक्ति को दर्शाता है।

नवरात्रि आठवां दिन : गुलाबी रंग (मां महागौरी)

अष्टमी तिथि को देवी के मां महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां महागौरी सौम्यता और पवित्रता की देवी हैं। गुलाबी रंग कोमलता और कृपा को दर्शाता है। ये रंग करुणा, स्नेह और स्त्रीत्व का रंग है।

नवरात्रि नौवां दिन : बैंगनी रंग (मां सिद्धिदात्री)

नवमी, सिद्धि दायिनी, मां सिद्धिदात्री को समर्पित है। मां का ये रूप सिद्धियां प्रदान करने वाला है और सिद्धि ज्ञान से ही अर्जित की जा सकती है। मां का ये गुण बैंगनी रंग से मेल खाता है। बैंगनी रंग आध्यात्मिकता, वैभव और ज्ञान का प्रतीक है।

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