हिंदू धर्म में उपवास केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और संयम का अभ्यास भी है। इन्हीं व्रतों में से एक है निर्जला एकादशी, जिसे वर्ष की सबसे कठिन एकादशी माना जाता है। ये व्रत न केवल आस्था की परीक्षा लेता है, बल्कि पूरे साल की एकादशियों का पुण्यफल देने वाला भी माना गया है। निर्जला एकादशी ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आती है और इसका विशेष नियम है—एक बूंद पानी तक न पीना। ऐसे में ये व्रत न सिर्फ शारीरिक तपस्या है, बल्कि आत्मिक अनुशासन का प्रतीक भी है।
