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Paush Putrada Ekadashi: आने वाली है साल की अंतिम एकादशी, जानें दान के नियम और व्रत कथा

Paush Putrada Ekadashi: साल 2025 का अंतिम एकादशी आने वाली है। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित ये दिन हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है। इसमें भक्त व्रत करते हैं और पवित्र नदी में स्नान और उसके बाद दान करते हैं। जानिए इस दिन से जुड़े दान के नियम और व्रत कथा के बारे में

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 28, 2025 पर 7:00 AM
Paush Putrada Ekadashi: आने वाली है साल की अंतिम एकादशी, जानें दान के नियम और व्रत कथा
इस साल ये व्रत 30 दिसंबर को किया जाएगा।

Paush Putrada Ekadashi: पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत आने वाला है। ये साल की अंतिम एकादशी होगी, जिसका व्रत पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाएगा। इस एकादशी व्रत को हिंदू वर्ष में आने वाली सभी एकादशियों में सबसे फलदायी माना गया है। इस साल ये व्रत 30 दिसंबर को किया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता की पूजा और व्रत करने से भक्तों की सभी मनोकामना पूरी होती है। बहुत सी नि:संतान माताएं इस व्रत को संतान प्राप्ति की इच्छा से भी करती हैं। इस व्रत को दंपति मिलकर करते हैं, तो उन्हें साक्षात भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन व्रत, पूजा, विधि-विधान के साथ ही दान का भी बहुत महत्व है। इस दिन लोग गरीब और जरूरतमंद लोगों को वस्त्र और खाने-पीने या अन्य जरूरत की चीजों का दान करते हैं। लेकिन इस दिन दान के कुछ नियम हैं, जिसमें कुछ चीजों का दान वर्जित बताया गया है। आइए जानें इस दिन दान के नियम और व्रत कथा के बारे में

ये दान करना होता है शुभ

पौष पुत्रदा एकादशी पर पीले रंग के वस्त्र, केले, केसर, चने की दाल, गुड़ और पीले फूल का दान करना बहुत शुभ होता है। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और संतान पक्ष से जुड़ी सभी मुश्किलें दूर होती हैं।

दान करते समय ध्यान रखें ये बातें

दान हमेशा पवित्र भाव से करना चाहिए। दान देते समय यह न सोचें कि आप किसी पर उपकार कर रहे हैं। दान हमेशा सुपात्र को करना चाहिए, यानी जिसे वास्तव में उसकी जरूरत हो। किसी ब्राह्मण या गरीब व्यक्ति को दिया गया दान ही सफल माना जाता है। दान देने वाले को भी सात्विक होना चाहिए। तामसिक भोजन का त्याग कर ही दान की प्रक्रिया पूरी करें।

बेकार साबित होता है इस तरह का दान

इस्तेमाल की हुई चीजें : हमेशा नई और पवित्र चीजों का दान अच्छा माना जाता है। इस्तेमाल की गई चीजों का दान करने से पुण्य फल नष्ट हो जाता है और जीवन में मानसिक अशांति बढ़ती है।

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