Pithori Amavasya 2026: हिंदू धर्म अमावस्या तिथि को अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली तिथि माना जाता है। यह तिथि पितरों को समर्पित है और इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए दान-पुण्य करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। पूरे साल में हर माह की एक अमावस्या तिथि के हिसाब से 12 तिथियां आती हैं। इसमें भाद्रपद माह की अमावस्या तिथि का विशेष स्थान है। इस अमावस्या को पिठोरी अमावस्या और कुशग्रहणी अमावस्या के नाम से भी जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान, दान और पितृ कर्म करने से पितृ तृप्त होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। साथ ही आज के दिन वर्ष भर पितरों की पूजा के लिए कुश जमा की जाती है। पिठोरी अमावस्या के दिन भूलकर भी कुछ ऐसे कामों को करने से बचना चाहिए, जिससे पूर्वज नाराज हो सकते हैं। आइए जानते हैं पिठोरी अमावस्या पर क्या करना चाहिए और क्या करने से बचना चाहिए?
आज पितरों के नाम जल और काला तिल करें अर्पित
अमावस्या तिथि पर पितरों के नाम पर जल और काले तिल अर्पित करने चाहिए। पितरों के नाम से अपनी क्षमता के मुताबिक सात्विक भोजन जरूरतमंदों को कराएं। इसके अलावा आप इस दिन अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुरूप तर्पण कर सकते हैं।
पिठोरी अमावस्या पर इन नियमों का पालन करें
पिठोरी अमावस्या पर न करें ये काम