Pitra Paksha 2025: इस तारीख से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध, तिथि अनुसार तर्पण करने के लिए ये सूची करें नोट
Pitra Paksha 2025: माना जाता है कि 15-16 दिनों की इस अवधि में हमारे पूवर्ज अपने वंशजों को आशीर्वाद देने के लिए धरती पर आते हैं। इस दौरान विधि-विधन से उनका श्राद्ध-तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू हो रहा है।
MoneyControl News
अपडेटेड Aug 18, 2025 पर 10:55 AM
7 सितंबर से शुरू होंगे श्राद्ध पक्ष तिथि अनुसार इस तरह करें तर्पण
Pitra Paksha 2025: हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष का बहुत महत्व है। 15-16 दिन की ये अवधि समूचे भारत में पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ मनाई जाती है। इस दौरान अपने दिवंगत परिजनों की आत्मा की शांति के लिए दान पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की पूर्णिमा तिथि से शुरू माने जाते हैं। वहीं, इस अवधि का समापन आश्विन मास की अमावस्या पर होता है।
कुछ समुदाय पितृ पक्ष पूर्णिमा नहीं, परेवा की तिथि से करते हैं। हर वर्ष श्राद्ध कर्म की पूरी अवधि पूर्वजों को समर्पित होती है। इस अवधि में हिंदू समुदाय के लोग अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान जताते हैं और उन्हें याद करते हैं। पितृ हमारे वे परिजन हैं जो अब हमारे बीच नहीं हैं। ये अवधि उनकी आत्म की शांति और इस लोक से मुक्ति के लिए तर्पण और श्राद्ध करने के लिए होती है।
इस दिन शुरू हो रहे हैं श्राद्ध
पितृ पक्ष पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : 7 सितंबर मध्यरात्रि 1.41 बजे से
पितृ पक्ष पूर्णिमा तिथि समाप्त : 7 सितंबर रात 11.39 बजे तक
पितरों का श्राद्ध किस दिन करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितरों का श्राद्ध उनके देह त्यागने की तिथि के अनुसार किया जाना चाहिए। अगर, किसी पितृ के परलोक गमन की तिथि के बारे में जानकारी न हो तो सर्व पितृ अमावस्या के दिन किया जा सकता है। इसके अलावा किसी पितृ की असमय मृत्यु, एक्सिडेंट या बीमारी में अचानक मृत्यु होने पर उनका श्राद्ध चतुर्दशी तिथि को करना चाहिए। पिता का श्राद्ध अष्टमी और मां का श्राद्ध नवमी तिथि को करने का विधान बताया गया है।