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Pradosh Vrat 2026: चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत होगा इस दिन, जानें क्यों खास माना जा रहा है ये प्रदोष व्रत, इसकी तारीख और पूजा विधि?

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। भगवान शिव को समर्पित इस तिथि पर प्रदोष काल में पूजा की जाती है। आइए जानें चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत किस दिन होगा और इसे क्यों खास माना जाता रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 13, 2026 पर 7:00 AM
Pradosh Vrat 2026: चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत होगा इस दिन, जानें क्यों खास माना जा रहा है ये प्रदोष व्रत, इसकी तारीख और पूजा विधि?
चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 16 मार्च को सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर होगा।

Pradosh Vrat 2026: हिंदू कैलेंडर में प्रदोष की तिथि भगवान शिव को समर्पित होती है। ये व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस व्रत में प्रदोष काल में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि आने वाली है। इस दिन भगवान शिव की माता पार्वती के साथ विधि-विधान से प्रदोष काल में पूजा की जाएगी। आइए जानें इस साल प्रदोष व्रत किस दिन होगा और इसे क्यों खास माना जा रहा है?

कब होगा चैत्र का पहला प्रदोष व्रत?

चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 16 मार्च को सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर होगा। त्रयोदशी तिथि का समापन 17 मार्च को सुबह 9 बजकर 23 मिनट पर होगा। प्रदोष काल को देखते हुए चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत 16 मार्च 2026 को रखा जाएगा। यह प्रदोष व्रत सोमवार को पड़ रहा है इसलिए इसे सोम प्रदोष कहा जाएगा। बता दें कि सप्ताह के सातों दिनों में से जिस दिन प्रदोष व्रत पड़ता है, उसी के नाम पर उस प्रदोष का नाम रखा जाता है। जब प्रदोष का दिन सोमवार को पड़ता है, तो इसे सोम प्रदोष के नाम से जाना जाता है।

प्रदोष व्रत पूजा शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, सोम प्रदोष पूजा मुहूर्त 16 मार्च को शाम 6 बजकर 48 मिनट से रात 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इस दिन के अन्य मुहूर्त इस प्रकार हैं :

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