Bhutadi Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को अत्यंत पवित्र माना जाता है। शास्त्रों में ये तिथि पितरों को समर्पित बताई गई है। इसलिए इस दिन पितृ शांति के उपाय करने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह में एक अमावस्या तिथि पड़ती है। इन्हीं में से एक है चैत्र मास की अमावस्या तिथि। चैत्र अमावस्या को ही भूतड़ी अमावस्या भी कहते हैं। माना जाता है कि इस तिथि पर धरती में बुरी शक्तियां हावी रहती हैं। इसलिए इस दिन नकारात्मक शक्तियों को घर-परिवार से दूर रखने के लिए कुछ उपाय जरूर करने चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से जीवन में शांति बनी रहती है और खुशहाली का वास होता है। आइए जानें कब है भूतड़ी अमावस्या और इसमें क्या उपाय करें?
इस साल भूतड़ी अमावस्या 19 मार्च 2026 को है। शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार भूतड़ी अमावस्या के दिन विशेष रूप से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा, पितृ तर्पण और शांति के उपाय किए जाते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या तब बनती है जब सूर्य देव और चंद्र देव एक ही राशि में होते हैं। इस समय चंद्रमा की शक्ति कमजोर मानी जाती है। मानसिक और सूक्ष्म ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। इसलिए साधक और तांत्रिक इस तिथि को विशेष साधना के लिए उपयुक्त मानते हैं।
नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए करें ये उपाय
भूतड़ी अमावस्या के दिन नहाने के पानी में काले तिल डालकर स्नान करें या किसी तीर्थ जल से स्नान करें और पितरों का तर्पण करें, मान्यता है इससे अतृप्त पूर्वज प्रसन्न होते हैं और जीवन में परेशानियां दूर होती है।
भूतड़ी अमावस्या के दिन पितृ लोक के द्वार खुलते हैं और पितरों को धरती पर आने का अवसर प्राप्त होता है। इसलिए इस दिन अनाज, कपड़े, आदि का दान जरूर करना चाहिए। ये उपाय पितृ दोष के साथ ही ग्रह दोष से भी मुक्ति दिलाता है।
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