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Rudraksh Pahchanne ke Tips: रुद्राक्ष पहनने से पहले असली और नकली रुद्राक्ष पहचानने के टिप्स जानें, यहां देखें कैसे रुद्राक्ष से बचें

Rudraksh Pahchanne ke Tips: महादेव के कितने ही भक्त अपने प्रभु के प्रिय रुद्राक्ष की माला या ब्रेसलेट धारण करते हैं। लेकिन ज्यादातर को असली और नकली रुद्राक्ष में अंतर करना नहीं आता है। इसलिए अक्सर ज्यादातर लोग ठगे जाते हैं। आइए जानें असली और नकली रुद्राक्ष में अंतर कैसे करें

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 11, 2026 पर 12:01 PM
Rudraksh Pahchanne ke Tips: रुद्राक्ष पहनने से पहले असली और नकली रुद्राक्ष पहचानने के टिप्स जानें, यहां देखें कैसे रुद्राक्ष से बचें
रुद्राक्ष धारण करने से पहले असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान करना भी बेहद जरूरी है।

Rudraksh Pahchanne ke Tips: हिंदू धर्म में रुद्राक्ष के मोतियों का विशेष स्थान है। इसे भगवान शंकर के श्रृंगार का सबसे महत्वपूर्ण अंग माना जाता है और यह उन्हें अति प्रिय भी है। हिंदू धर्मशास्त्रों और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव (रुद्र) से मानी गई है। "रुद्राक्ष" शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है रुद्र यानी भगवान शिव और अक्ष अर्थात आंसू या आंखें। महादेव के भक्त अपने आराध्य के प्रति प्रेम और समर्पण दिखाने के लिए अक्सर एक रुद्राक्ष का मनका या कई मनकों की माला धारण करते हैं। लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि बाजार में मिलने वाला हर रुद्राक्ष असली नहीं होता है। इसलिए रुद्राक्ष धारण करने से पहले असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान करना भी बेहद जरूरी है। असली रुद्राक्ष की पहचान आप दो सिक्कों के बीच में रुद्राक्ष रखकर कर सकते हैं। पानी में डालकर भी असली रुद्राक्ष की पहचान की जा सकती है। असली रुद्राक्ष की पहचान करने के लिए कुछ प्रमुख वैज्ञानिक, व्यवहारिक और पारंपरिक तरीके:

बनावट और रेखाएं

प्राकृतिक धारियां : रुद्राक्ष में ऊपर से नीचे की ओर स्पष्ट और गहरी धारियां बनी होती हैं। असली रुद्राक्ष में ये रेखाएं प्राकृतिक रूप से उभरी हुई लगती हैं, जबकि नकली में ये तराशी हुई या सीधी प्लास्टिक/लकड़ी की रेखाओं जैसी दिखती हैं।

उभरे हुए दाने : असली रुद्राक्ष की सतह एकदम चिकनी नहीं होती। उसमें छोटे-छोटे कांटे या खुरदरापन होता है जो अनियमित (irregular) होता है।

यहां मिलते हैं 100% शुद्धता की गारंटी वाले रुद्राक्ष

रुद्राक्ष की सबसे ज्यादा पैदावार नेपाल में होती है। बाजार में ज्यादातर पंचमुखी या एक मुखी रुद्राक्ष लोगों को दिया जाता है। इसके अलावा, श्री कृष्ण जन्म स्थान के गेट नंबर एक पर स्थित शुभम श्रृंगार केंद्र के नाम से इस दुकान पर आपको असली रुद्राक्ष मिल जाएंगे। इन रुद्राक्ष में 100% की शुद्धता होती है।

बारकोड स्कैन करते ही मिल जाती है रुद्राक्ष की सारी जानकारी

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