Rudraksh Pahchanne ke Tips: हिंदू धर्म में रुद्राक्ष के मोतियों का विशेष स्थान है। इसे भगवान शंकर के श्रृंगार का सबसे महत्वपूर्ण अंग माना जाता है और यह उन्हें अति प्रिय भी है। हिंदू धर्मशास्त्रों और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव (रुद्र) से मानी गई है। "रुद्राक्ष" शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है रुद्र यानी भगवान शिव और अक्ष अर्थात आंसू या आंखें। महादेव के भक्त अपने आराध्य के प्रति प्रेम और समर्पण दिखाने के लिए अक्सर एक रुद्राक्ष का मनका या कई मनकों की माला धारण करते हैं। लेकिन यहां यह समझना जरूरी है कि बाजार में मिलने वाला हर रुद्राक्ष असली नहीं होता है। इसलिए रुद्राक्ष धारण करने से पहले असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान करना भी बेहद जरूरी है। असली रुद्राक्ष की पहचान आप दो सिक्कों के बीच में रुद्राक्ष रखकर कर सकते हैं। पानी में डालकर भी असली रुद्राक्ष की पहचान की जा सकती है। असली रुद्राक्ष की पहचान करने के लिए कुछ प्रमुख वैज्ञानिक, व्यवहारिक और पारंपरिक तरीके:
