Sawan 2026 Somvaar Upay: सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है। भगवान शिव का यह प्रिय महीना पूरे साल में धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से काफी अहम माना जाता है। इस माह में लोग उपवास करते हैं, जलाभिषक और रुद्राभिषेक करते हैं। इसके साथ ही ये महीना कई ग्रह दोषों को शांत करने के लिए भी बहुत अहम माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में महादेव अपने हर सच्च भक्त की पुकार सुनते हैं और उनकी राह में आने वाली अड़चनों को दूर करने का आशीर्वाद देते हैं। जिन जातकों की उम्र निकल रही है, लेकिन विवाह के योग नहीं बन रहे हैं, उनके लिए भी ये बहुत अच्छा समय होता है। विवाह योग जातक अगर सावन में हल्दी से जुड़ा उपाय करते हैं, तो उनके घर जल्द शहनाई बजने का योग बनता है।
सावन में करें ये उपाय, जल्द बजेगी शहनाई
विवाह में देरी या बार-बार आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए सावन के सोमवार अत्यंत शुभ माने गए हैं। हिंदू धर्म में हल्दी को मंगल कार्यों और विवाह का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि सावन में श्रीफल और पीले पुष्प के साथ हल्दी की घांठ अर्पित करने से कुंडली में विवाह संबंधी दोष शांत होता है। माताएं भी अपने बच्चे के नाम और गोत्र लेकर यह उपाय कर सकती हैं।
इस उपाय को करने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती है। एक नारियल, पांच साबुत हल्दी की गांठ, एक पीला पुष्प और दक्षिणा के लिए कुछ पैसे पर्याप्त है। पीला पुष्प बृहस्पित ग्रह को मजबूत करने के लिए रखा जाता है। सामग्री साफ और शुद्ध रखें। उपाय से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें। दिनभर सात्विक रहें और मन में शिव मंत्र का जाप करते रहें।
सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें और अपने घर के मंदिर में शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद भगवान श्री गणेश, अपनी कुलदेवी और पितरों का ध्यान करें। अपने हाथ में एक नारियल, पांच हल्दी की गांठ और एक पीला पुष्प रखें। भगवान शिव का ध्यान करें और अपनी संतान की शादी में आ रही सभी अड़चनों को दूर करने और शीघ्र मनचाहे रिश्ते की दिल से प्राथना करें। प्राथना के बाद इन वस्तुओं को घर के मंदिर में भगवान शिव या शिविलंग के सामने समिपत कर दें। शाम को किसी शिव मंदिर में दक्षिणा के साथ सभी सामग्री शिवलिंग पर अर्पित कर दें।
पूजा में बरतें ये सावधानियां
इस उपाय का पूरा फल पाने के लिए कुछ नियमों का पालन जरूरी है। इस दिन उपवास रखें, सात्विक भोजन करें और मदिरा के सेवन से दूर रहें। फलाहार व्रत करने वाले भक्त केवल दूध या फल ले सकते हैं। किसी के प्रति कड़वे शब्द या अपशब्द ना बोलें। दिनभर मन ही मन ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहें।