Sawan 2026 Grahan: हिंदू धर्म में सावन का महीना विशेष स्थान रखता है। इस महीने की दो विशेषताएं हैं, एक चारों ओर हरियाली का मंजर रहता है और हर तरफ भगवान शिव के जयकारों की गूंज सुनाई देती है। माना जाता है कि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसलिए इस माह में भगवान शिव की विभिन्न रूपों में पूजा और उपवास किया जाता है। देश ही नहीं दुनिया में भी शिवभक्त सावन के महीने का इंतजार करते हैं। इसी महीने में अमरनाथ यात्रा होती है और कांवड़िये कांवड़ भरकर महादेव का अभिषेक करते हैं।
साल 2026 में भोलेनाथ का प्रिय महीना बहुत खास माना जा रहा है। इस माह में कई ग्रहों का गोचर होगा, कई शुभ योग बनेंगे और 15 दिनों के अंतराल पर दो-दो ग्रहण भी लगेंगे। जी हां, इस साल का अंतिम सूर्य और चंद्र ग्रहण सावन के महीने में ही लगेगा। सूर्य ग्रहण हरियाली अमावस्या के दिन लगेगा, जबकि चंद्र ग्रहण श्रावणी पूर्णिमा को रक्षा बंधन के दिन होगा। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या दो ग्रहण की वजह से महा देव की पूजा पर असर होगा, या व्रत और त्योहारों पर इसका क्या प्रभाव होगा?
पंडित जी से जानें इस दुविधा का समाधान
हिंदू पंचांग के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को अमावस्या तिथि पर सूर्य ग्रहण लगेगा, जबकि दूसरा 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण होगा। अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम ने न्यूज 18 को बताया कि इस वर्ष लगने वाले दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। शास्त्रों के अनुसार, जिस ग्रहण का दृश्य भारत में नहीं होता, उसका सूतक काल मान्य नहीं होता। लेकिन ग्रहण के दौरान सावधानी रखनी चाहिए। दूसरी तरफ इन ग्रहणों का भारत में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, मंदिरों की पूजा व्यवस्था, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक या सावन सोमवार के व्रत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
नहीं रुकेंगे पूजा-पाठ और खुले रहेंगे मंदिर
धार्मिक ग्रंथों में ग्रहण काल के दौरान विशेष नियमों का पालन करने का उल्लेख मिलता है, लेकिन यह नियम मुख्य रूप से उन क्षेत्रों पर लागू होते हैं, जहां ग्रहण दिखाई देता है। भारत में ग्रहण अदृश्य रहने के कारण सूतक नहीं लगेगा और किसी भी प्रकार का धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
पंडित कल्कि राम का कहना है कि सावन का पूरा महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। श्रद्धालु श्रद्धा और विश्वास के साथ सोमवार का व्रत रखें, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। इससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।