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Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी पर 23 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, एक ही दिन मनाए जाएंगे ये दो पर्व

Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी नए साल 2025 की पहली एकादशी तिथि होगी। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का बहुत महत्व है। नए साल में इस दिन 23 साल बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन एक और बहुत महत्वपूर्ण हिंदू पर्व मनाया जाएगा। आइए जानें कौन सा है ये पर्व और दुर्लभ संयोग

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 22, 2025 पर 6:39 PM
Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी पर 23 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, एक ही दिन मनाए जाएंगे ये दो पर्व
इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यह मकर संक्रांति के दिन ही पड़ रही है।

Shattila Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को विष्णु भगवान का आशीर्वाद पाने का सबसे सरल उपाय माना जाता है। इस दिन श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं और उनकी कृपा पाने के लिए व्रत करते हैं। हर साल माघ के महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आने वाली एकादशी को षटतिला एकादशी का व्रत किया जाता है। यह साल 2026 का पहला एकादशी व्रत होगा, जिसका हिंदू परंपरा में गहरा आध्यात्मिक महत्व है। इस बार षटतिला एकादशी पर 23 साल बाद दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यह मकर संक्रांति के दिन ही पड़ रही है। यह व्रत, पूजा और दान-पुण्य के लिए एक शुभ अवसर बन रहा है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, भक्ति भाव से एकादशी व्रत करने को आध्यात्मिक शुद्धि और मुक्ति का एक शक्तिशाली मार्ग माना जाता है।

षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति का दुर्लभ संयोग

षटतिला एकादशी 2026 में साल की पहली एकादशी के रूप में मनाई जाएगी। इसका व्रत 14 जनवरी 2026 को माघ महीने के कृष्ण पक्ष में रखा जाएगा। इस एकादशी का मकर संक्रांति के साथ संयोग इसके धार्मिक पुण्य को कई गुना बढ़ा देता है।

मकर संक्रांति के दान का समय

मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य का समय दोपहर 03 बजकर 07 मिनट पर शुरू होगा और शाम 06 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। इस दिन बुधवार और अनुराधा नक्षत्र होने से सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग का भी निर्माण होगा।

षटतिला एकादशी 2026 तिथि

माघ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 13 जनवरी 2026 को दोपहर 3:17 बजे शुरू होगी और 14 जनवरी 2026 को शाम 5:52 बजे समाप्त होगी।

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