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Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण में अगर सूरज को अर्घ्य दिया तो क्या होगा? जानें सूर्य ग्रहण कब है और भारत में दिखेगा या नहीं?

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण का खगोलीय महत्व होने के साथ ही धार्मिक अहमियत भी है। हिंदू धर्म में ग्रहण लगने से पहले सूतक काल लग जाता है, जिसमें पूजा-पाठ नहीं किए जाते। लेकिन सूर्य ग्रहण में सूरज को अर्घ्य देना चाहिए या नहीं? अक्सर ये सवाल सबके मन में उठता है। आइए जानें इसका जवाब

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 05, 2026 पर 3:34 PM
Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण में अगर सूरज को अर्घ्य दिया तो क्या होगा? जानें सूर्य ग्रहण कब है और भारत में दिखेगा या नहीं?
भारतीय संस्कृति में सूर्य को रोज सुबह तांबे के लोटे से अर्घ्य देने की परंपरा है।

Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, जिसके कई बार दुर्लभ और खूबसूरत दृश्य देखने को मिलते हैं। एस्ट्रोनॉमी में दिलचस्पी रखने वाले सभी लोग इस मौके को शोध और अध्ययन का बेहतरीन मौका मानते हैं। लेकिन, हमारे देश में इसका धार्मिक महत्व भी है और ग्रहण के शुरू होने से पहले और उसके बाद के कई नियम हैं, जिनका पालन किया जाता है।

जैसे ग्रहण शुरू होने से कई घंटों पहले सूतक काल लगता है, ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, खाना-पीना, सोना वर्जित रहता है और ग्रहण समाप्त होने के बाद घर और मंदिर का शुद्धिकरण आदि। ऐसे कई लोगों के मन में ये सवाल भी उठता है कि ग्रहण के दौरान सूर्य को अर्घ्य देना उचित है या नहीं? सवाल है, तो जवाब भी होगा। भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा ने लोकल 18 को इस बारे में ये बताया है

रोज सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा

भारतीय संस्कृति में सूर्य को रोज सुबह तांबे के लोटे से अर्घ्य देने की परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य को नियमित अर्घ्य देने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और सेहत बेहतर रहता है।

क्या सूर्य ग्रहण के दौरान अर्घ्य देना ठीक है?

पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सूर्य ग्रहण की अवधि में सूर्य को अर्घ्य देना उचित नहीं माना जाता। ग्रहण के समय सूर्य को सीधे देखना वर्जित है, वहीं अर्घ्य हम सूर्य को देखते हुए ही देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में राहु-केतु का प्रभाव सक्रिय होता है, जिससे सूर्य की ऊर्जा ढकी रहती है। ऐसे में अर्घ्य देने से सकारात्मक फल की बजाय उल्टा प्रभाव पड़ सकता है।

साल का पहला सूर्य ग्रहण फरवरी में

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