Get App

Vaishakh Pradosh Vrat 2026: वैशाख में इस दिन किया जाएगा पहला प्रदोष व्रत, जानें बुध व्रत की तारीख और महत्व

Vaishakh Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और ये हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का व्रत 15 अप्रैल को किया जाएगा। आइए जानें बुध प्रदोष व्रत का क्या महत्व है और इसकी पूजा विधि

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 07, 2026 पर 7:00 AM
Vaishakh Pradosh Vrat 2026: वैशाख में इस दिन किया जाएगा पहला प्रदोष व्रत, जानें बुध व्रत की तारीख और महत्व
बुधवार को प्रदोष तिथि पड़ने के कारण ये बुध प्रदोष व्रत होगा।

Vaishakh Pradosh Vrat 2026: प्रत्येक हिंदू माह में दो तिथियों में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा और व्रत विशेष रूप से फलदायी होता है। इस व्रत का नाम है प्रदोष व्रत और ये हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस दिन प्रदोष काल यानी सूर्योदय के बाद भगवान शिव की विधि विधान से पूजा की जाती है। शिव भक्तों की इस बहुत आस्था होती है और वे पूरी श्रद्ध और विधि-विधान से व्रत संपन्न करते हैं।

वैशास मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का व्रत आने वाला है। शिव परिवार की विधि-विधान से आराधना करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना गया है। इस बार ये व्रत 15 अप्रैल, बुधवार को किया जाएगा। बुधवार को प्रदोष तिथि पड़ने के कारण से बुध प्रदोष व्रत होगा। इस व्रत में बुध देव के निमित्त पूजा-अर्चना करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होगा। आइए जानें बुध प्रदोष व्रत का मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व।

15 अप्रैल को होगा पहला प्रदोष व्रत

पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 15 अप्रैल को रात 12 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 15 अप्रैल को रात 10 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में 15 अप्रैल को प्रदोष व्रत किया जाएगा।

बुध प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त

बुध प्रदोष पूजा का शुभ समय 15 अप्रैल, 2026 को शाम 6:56 बजे से रात 9:13 बजे तक है।

बुध प्रदोष व्रत का महत्व

सब समाचार

+ और भी पढ़ें