Bada Mangal 2026: इस साल ज्येष्ठ में अधिक मास लगने से 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग, जानें पूरा कैलेंडर और बड़ा मंगल का महत्व

Bada Mangal 2026: हिंदू कैलेंडर का ये संवत कई मायनों में खास माना जाता है। इस साल अधिक मास लगने से 13 महीनों का साल होगा। अधिक मास ज्येष्ठ में लग रहा है, इसलिए इस साल 8 बड़ा मंगल का दुर्लभ संयोग बन रहा है। आइए जानें बड़ा मंगल का महत्व और बड़ा मंगल की सभी 8 तारीखें

अपडेटेड Apr 06, 2026 पर 8:26 PM
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साल 2026 में ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा। इस

Bada Mangal 2026: हिंदू कैलेंडर में मंगलवार का दिन भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार संकटमोचन हनुमान को समर्पित है। माना जाता है कि भगवान श्री राम के परम भक्त हनुमान अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं और उन्हें अमरता वरदान प्राप्त है। इसलिए वे अपने सच्चे भक्तों को दर्शन भी देते हैं। हनुमान भक्तों के लिए यूं तो पूरा साल और हर हफ्ते आने वाले वाला मंगलवार महत्वपूर्ण होता है, वहीं ज्येष्ठ माह के मंगलवार का अलग ही महत्व है।

ज्येष्ठ माह में आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। हनुमान जी के अनन्य भक्त उनका आशीर्वाद पाने के लिए इस दिन व्रत करते हैं, पूजा करते हैं और भंडारे का आयोजन करते हैं। आमतौर पर ज्येष्ठ माह में 4 या 5 बड़े मंगल पड़ते हैं, लेकिन इस बार यानी 2026 में ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं। दरअसल, इस साल ज्येष्ठ माह में अधिकमास की वजह से इस बार ज्येष्ठ माह 60 दिन को होगा। इसलिए इस माह में अधिक बड़े मंगल पड़ रहे हैं।

कब से कब तक रहेगा ज्येष्ठ माह

पंचांग के अनुसार, साल 2026 में ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा। इस हिसाब से मई और जून में कुल 8 मंगलवार पड़ेंगे। ज्येष्ठ के मंगलवार के दिन बजरंगबली की पूजा करने से जीवन से रोग-बाधाएं दूर होती हैं और पवनपुत्र का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

ज्येष्ठ माह 2026 में बड़ा मंगल

पहला बड़ा मंगल- 5 मई 2026


दूसरा बड़ा मंगल - 12 मई 2026

तीसरा बड़ा मंगल- 19 मई 2026

चौथा बड़ा मंगल- 26 मई 2026

पांचवां बड़ा मंगल- 2 जून 2026

छठा बड़ा मंगल- 9 जून 2026

सातवां बड़ा मंगल- 16 जून 2026

आठवां बड़ा मंगल- 23 जून 2026

बड़ा मंगलवार का महत्व

ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह के मंगलवार को बड़ा या बुढ़वा मंगल के नाम से भी जाना जाता है।

  • रामायण की कथा के अनुसार, प्रभु श्रीराम का अपने परम भक्त हनुमान से मिलन पहली बार ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हुआ था।
  • इतना ही ही नहीं हनुमान जी ने रावण का अंहकार तोड़ते हुए पूरी सोने की लंका में आग लगाई थी, यह घटना ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन हुई थी।
  • ज्येष्ठ माह के मंगलवार को हनुमान जी को अमरत्व का वरदान मिला था और वह चिंरजीवी हो गए थे।

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